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शादी से पहले प्रेग्नेंट होने वाली लड़की को ऐसी सज़ा मिली जिसे आप भी जायज़ नहीं ठहराएंगे

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न्यूयार्क। अमेरिका के मैरीलैंड में रहने वाली 18 साल की एक लड़की का उसी के स्कूल में पढ़ने वाले एक लड़के से अफेयर हो गया। मेल मुलाकातों का दौर चला, इसके बाद वो प्रेग्नेंट हो गई। इस बात का पता जब कॉलेज प्रशासन को चला तो उसे जो सज़ा मिली उसे बिल्कुल भी जायज़ नहीं ठहराया जा सकता। कॉलेज ने उसे आगे पढ़ने से मना कर दिया। इतना ही नहीं हद तो तब पार हो गई जब मैडी नामा की उस लड़की को असेंबली में सारे स्टूडेंट्स और उनके परिवार वालों के सामने खड़ा करवाकर अपने किए की माफी मांगने को कहा गया।

चूंकि, मैडी की प्रेग्नेंसी के बारे में सभी को पता चल गया था, इसलिए उसके घर के आसपास के लोगों ने मैडी की फैमिली पर जानलेवा हमला भी किया। मैडी अपने ग्रेजुएशन स्कूल की मेधावी स्टूडेंट्स में गिनी जाती हैं। वो अपने स्कूल के स्टूडेंट कॉन्सिल की प्रेसिडेंट हैं। साथ ही सॉकर टीम की भी वाइस प्रेसिडेंट हैं। लेकिन प्रेग्नेंट होने के बाद मैडी को इन पोस्ट्स से भी हटा दिया गया।

मैडी के परिवार वालों ने प्रेग्नेंट होने के बाद उसे पूरी तरह से सपोर्ट किया है। मैडी ने बच्चे को जन्म देने का फैसला किया है। लेकिन इस डिसीजन के कारण, उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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