Connect with us

नेशनल

नरेंद्र मोदी के नाम जुड़ी ऐसी उपलब्धि, जानकर 56 इंच का हो जाएगा हर भारतीय का सीना

Published

on

नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। अपने निजी ट्विटर खाते पर 4.2 करोड़ फॉलोअर के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (5.2 करोड़) और पोप फ्रांसिस (4.7 करोड़) से पीछे हैं, लेकिन माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर प्रभाव के मामले में वे दूसरे सबसे महत्वपूर्ण विश्व नेता हैं।

 नरेंद्र मोदी

एक वैश्विक अध्ययन में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। 1.1 करोड़ से अधिक फॉलोअर के साथ भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ना सिर्फ दुनिया की सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली महिला विश्व नेता हैं, बल्कि दुनिया में सबसे ज्यादा फॉलो की जानेवाली विदेश मंत्री भी हैं। ग्लोबल कम्युनिकेशन एजेंसी बीसीडब्ल्यू की 2018 ‘ट्विप्लोमेसी’ अध्ययन में यह जानकारी दी गई है।

 नरेंद्र मोदी

इस अध्ययन में 951 ट्विटर खातों की गतिविधियों का अध्ययन किया गया, जिसमें सरकारों के प्रमुख और विदेश मंत्री शामिल थे। यह अध्ययन क्राउडटैंगल डॉट कॉम के एग्रीगेट आंकड़ों के माध्यम से किया गया, जोकि एक कंटेंट डिस्कवरी और सोशल मॉनिटरिंग प्लेटफार्म है।

 नरेंद्र मोदी

मोदी के जहां वर्तमान में ट्विटर पर 4.34 करोड़ फॉलोअर हैं, वहीं, ट्रंप के 5.34 करोड़ तथा स्वराज के 1.18 करोड़ फॉलोअर हैं। ट्रंप 2017 के अक्टूबर में पोप फ्रांसिस को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जानेवाले विश्व नेता बने थे। उनके 9 भाषाओं में ट्विटर एकाउंट हैं, जिसके कुल 4.7 करोड़ फॉलोअर हैं।

 नरेंद्र मोदी

ट्रंप द्वारा 2017 में 20 जनवरी को पद भार संभालने के बाद से उनके फॉलोअरों की संख्या दोगुनी हो गई है। अध्ययन में बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्वीट पर पिछले 12 महीनों से औसतन 26.7 करोड़ इंटरैक्शन (लाइक्स और रिट्वीट्स) हुए।

यह मोदी के ट्वीट की तुलना में 5 गुना अधिक है, जिनके 5.2 करोड़ इंटरैक्शन हुए, जबकि पोप फ्रांसिस के ट्वीट के 2.2 करोड़ इंटरैक्शन दर्ज किए गए।

नेशनल

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन बोले-बाबर ने बनवाया था मंदिर

Published

on

नई दिल्ली। अयोध्या जमीन विवाद मामले की सुनावाई के 28वें दिन मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने अदालत में बाबरनामा का हवाला दिया।

राजीव ने कहा कि वहां मंदिर ही बाबर ने बनाया था। उन्होंने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि हिन्दू पक्षकार तो गजेटियर का हवाला अपनी सुविधा के मुताबिक दे रहे हैं, लेकिन गजेटियर कई अलग अलग समय पर अलग नजरिये से जारी हुए थे। लिहाजा सीधे तौर पर ये नहीं कहा जा सकता कि बाबर ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई।

राजीव धवन ने कहा कि जस्टिस अग्रवाल के इस विचार से भी इत्तेफाक नहीं रखता, जो कहीं रिपोर्ट को मान रहे हैं और कहीं नहीं। इस पर जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि कई पुरानी मस्जिदों में संस्कृत में भी कुछ लिखा हुआ मिला है। वो कैसे?

जज के सवाल का जवाब देते हुए राजीव धवन ने कहा कि क्योंकि बनाने वाले मजदूर कारीगर हिंदू होते थे तो वे अपने तरीके से इमारत बनाते थे।

बनाने का काम शुरू करने से पहले वो विश्वकर्मा और अन्य तरह की पूजा भी करते थे और काम पूरा होने के बाद यादगार के तौर पर कुछ लेख भी अंकित करते थे।

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending