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‘संजू’ के सबसे करीबी शख्स ने रिलीज़ के 9 दिन बाद देखी फिल्म, जब कराई गई ख़ास स्क्रीनिंग

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मुंबई। साल 2018 की अब तक की सबसे सफल फिल्म ‘संजू’ 29 जून को रिलीज़ हुई। सभी ने फिल्म देखी कुछ ने अच्छी तो कुछ ने आलोचनात्मक फीडबैक दिया। अच्छी बात ये रही कि फिल्म सभी ने देखी। लेकिन एक शख्स जो ‘संजू’ के सबसे करीबी रहा उसने फिल्म रिलीज़ के 9 दिन बाद देखी, जब फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग सर्बिया में रखी गई। हम बात काबिल अभिनेता विक्की कौशल की कर रहे हैं। सर्बिया में फिल्म ‘उरी’ की शूटिंग में बिजी होने की वजह से वे मूवी नहीं देख पाए थे। लेकिन अब उन्होंने रिलीज के 9 दिन बाद फिल्म देख ली है।

इसकी जानकारी उन्होंने अपनी इंस्टा स्टोरी पर दी। सर्बिया में ‘संजू’ देखने के लिए उन्होंने डायरेक्टर राजकुमार हिरानी को थैंक्स कहा है। दरअसल, सर्बिया में बॉलीवुड फिल्में रिलीज नहीं होती हैं, इसलिए विक्की अब तक फिल्म नहीं देख पाए थे। राजकुमार हिरानी और फॉक्स स्टार हिंदी ने फिल्म का एक प्रिंट सर्बिया भेजा था।

सर्बिया में फिल्म ‘संजू’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। तब जाकर विक्की ने अपनी आगामी फिल्म ‘उरी’ की टीम के साथ संजू देखी। फिल्म संजू में विक्की कौशल ने संजय दत्त के बेस्ट फ्रेंड परेश गिलानी का किरदार निभाया था। विक्की संजू से पहले ‘राज़ी’ और ‘लस्ट स्टोरीज़’ में नजर आए थे। उन्होंने फिल्म ‘मसान’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था।

फिल्म ‘संजू’ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई कर रही है। संजू ने पहले ही हफ्ते 200 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली और 9 दिनों में 234 करोड़ की कमाई कर ली है और अभी भी लगातार कमाई जारी है।

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मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन बोले-बाबर ने बनवाया था मंदिर

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नई दिल्ली। अयोध्या जमीन विवाद मामले की सुनावाई के 28वें दिन मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने अदालत में बाबरनामा का हवाला दिया।

राजीव ने कहा कि वहां मंदिर ही बाबर ने बनाया था। उन्होंने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि हिन्दू पक्षकार तो गजेटियर का हवाला अपनी सुविधा के मुताबिक दे रहे हैं, लेकिन गजेटियर कई अलग अलग समय पर अलग नजरिये से जारी हुए थे। लिहाजा सीधे तौर पर ये नहीं कहा जा सकता कि बाबर ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई।

राजीव धवन ने कहा कि जस्टिस अग्रवाल के इस विचार से भी इत्तेफाक नहीं रखता, जो कहीं रिपोर्ट को मान रहे हैं और कहीं नहीं। इस पर जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि कई पुरानी मस्जिदों में संस्कृत में भी कुछ लिखा हुआ मिला है। वो कैसे?

जज के सवाल का जवाब देते हुए राजीव धवन ने कहा कि क्योंकि बनाने वाले मजदूर कारीगर हिंदू होते थे तो वे अपने तरीके से इमारत बनाते थे।

बनाने का काम शुरू करने से पहले वो विश्वकर्मा और अन्य तरह की पूजा भी करते थे और काम पूरा होने के बाद यादगार के तौर पर कुछ लेख भी अंकित करते थे।

 

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