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खेल-कूद

लियोनेल मेसी की इज्जत बची, किस्मत ने जोर मारा तो अर्जेंटीना नॉकआउट राउंड में पहुंची

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अर्जेटीना के लिए 27 जून का दिन जीने और मरने का दिन था। और अर्जेटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी पर पूरे अर्जेटीना की जनता की निगाह थी। अर्जेटीना के अगले दौर में जाने पर संकट था। उसे इस मैच में जीत था और साथ ही दुआ करनी थी कि ग्रुप के दूसरे मैच में क्रोएशिया आइसलैंड को मात दे।

आखिरकार मंगलवार का दिन अर्जेटीना और लियोनेल मेसी का रहा, सब ऐसा ही हुआ जैसा होना चाहिए था।

फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण में ग्रुप-डी में अर्जेटीना और नाइजीरिया का मैच हुआ। सब कुछ अर्जेटीना के पक्ष में हुआ। उसने नाइजीरिया को हराया तो वहीं क्रोएशिया ने आइसलैंड को 2-1 से हरा दिया। अब अंतिम 16 में अर्जेंटीना का सामना फ्रांस और क्रोएशिया का सामना डेनमार्क से होगा।

मार्कोस रोजो के 86वें मिनट में किए गए बेहतरीन गोल के दम पर अर्जेटीना ने मंगलवार देर रात खेले गए फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण में अंतिम-16 में जगह बना ली। यह अर्जेटीना की इस विश्व कप में पहली जीत है। पहले मैच में उसने आइसलैंड से 1-1 से ड्रॉ खेला था तो वहीं दूसरे मैच में उसे क्रोएशिया से 3-0 से हार मिली थी।

क्रोएशिया ने तीन मैचों में तीन जीत के साथ नौ अंक लेकर पहले स्थान के साथ ग्रुप दौर का अंत किया। वहीं अर्जेटीना ने तीन मैचों में चार अंक लेकर दूसरे स्थान के साथ अंतिम-16 में प्रवेश किया। नाइजीरिया और आइसलैंड को विश्व कप से बाहर जाना पड़ा है।

अर्जेटीना ने मैच की सकारात्मक शुरुआत की। वहीं नाइजीरिया भी कम आक्रामक नहीं थी। आखिरकार मेसी ने 14वें मिनट में गोल कर अपनी टीम और प्रशंसकों वो लम्हा दिया जिसका लंबा इंतजार करना पड़ा। मेसी को मैदान के बीच से बेनेगा ने गेंद दी और अर्जेटीना के कप्तान ने बॉक्स के बाहर गेंद पर कब्जा कर अंदर घुसे और दाईं ओर से गेंद को नेट में इस विश्व कप में अपना खाता खोला। मेसी का यह गोल इस विश्व कप का 100वां गोल था।

28वें मिनट में मेसी ने दाएं छोर से गोंजालेज हिग्युएन के गेंद दी जिसे नाइजीरिया के गोलकीपर फ्रांसिस यूझोहो ने रोक दिया।

नाइजीरिया, अर्जेटीना के खिलाड़ियों को खाली छोड़ रही थी। इसी कारण अर्जेटीना मौके बना रही थी। ऐसी ही लगती 32वें मिनट में नाइजीरिया ने की खाली खड़े एंजेल डी मरिया के पास गेंद आई मरिया गेंद लेकर बॉक्स में जा ही रहे थे कि बालोग ने बाहर ही उन्हें गिरा दिया। अर्जेटीना को फ्री किक मिली जिसे मेसी ने लिया। लियोनेल मेसी के बेहतरीन शॉट को हालांकि फ्रांसिस बचा ले गए।

पहले हाफ में अर्जेटीना को खुशी मिली थी, लेकिन दूसरे हाफ में वो खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। माश्चेरानो ने बालोगन को पेनाल्टी एरिया गिरा दिया और वीएआर की दखलअंदाजी से नाइजीरिया को पेनाल्टी मिली जिसे विक्टर मोसेसे ने 51वें मिनट में गोल में बदल कर अपनी टीम को 1-1 की बराबरी दिला दी।

नाइजीरिया खिलाड़ी किसी भी अर्जेटीनी खिलाड़ी को अकेले नहीं छोड़ रहे थे। खासकर लियोनेल मेसी को। लियोनेल मेसी कभी भी दो नाइजीरियाई खिलाड़ियों के बिना दूसरे हाफ में नहीं दिखे और इसी कारण वह अपने पास गेंद को बना नहीं पाए।

नाइजीरिया का डिफेंस मजबूत था और उसकी आक्रमण पंक्ति भी मौके बनाने की कोशिश में लगी थी। इसी बीच 71वें मिनट में नदिदि ने नाइजीरिया की स्कोरशीट में दूसरा गोल डालने का मौका गंवा दिया।

इस हाफ में अर्जेटीना के पास बढ़त लेने का बेहतरीन मौका 81वें मिनट में आया। रोजो ने गोल के सामने गेंद हिग्युएन को दी जिस पर वो आसान सा मौका गंवा बैठे। लेकिन रोजो ने अगला मौका भुना लिया। 86वें मिनट में गेब्रिएल इवान मार्सडो के बेहतरीन क्रॉस पर रोजो ने एक शॉट में गेंद को नेट में डाल अर्जेटीना को 2-1 से आगे कर दिया।

रोजो का यह गोल विजयी साबित हुआ और अर्जेटीना अगले दौर में पहुंच गई। (इनपुट आईएएनएस)

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इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर इरफान पठान ने 35 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

शनिवार को पठान ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। टीम इंडिया प्रमुख स्विंग गेंदबाजों में शुमार रहे इरफान पठान विदेशों में फ्रेंचाइजी आधारित लीग के लिए उपलब्ध रह सकते हैं।

इरफान पठान अक्टूबर 2012 में आखिरी बार टीम इंडिया की जर्सी में उतरे थे, जब उन्होंने कोलंबो में टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच खेला था।

उन्होंने घरेलू क्रिकेट में आखिरी बार फरवरी 2019 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर टीम का प्रतिनिधित्व किया। पठान ने पिछले महीने खुद को आईपीएल नीलामी पूल में भी नहीं रखा था।

बता दें कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज इरफान पठान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2003 में एडिलेड ओवल टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरूआत की थी।

इस सीरीज में मिली सफलता के बाद पठान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और क्रिकेट के सभी प्रारूपों में एक के बाद एक कई कीर्तिमान स्थापित किए।

 

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