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नैपकिन बना गवाह, 32 साल पुराना रेप और हत्या का आरोपी पकड़ गया

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वाशिंगटन के सीएटल में 32 साल पुराने एक रेप और उसके बाद हत्या के मामले में नैपकिन बना गवाह। जी, एक नैपकिन ने 32 साल से छुप रहे आरोपी को पकड़वा दिया।

वाशिंगटन के सीएटल में वर्ष 1986 में एक 12 साल की लड़की की हत्या में संदिग्ध की पहचान करने के लिए रेस्तरां के नैपकिन से लिए गए डीएनए का इस्तेमाल सबूत के तौर पर किया गया। टाकोमा पुलिस प्रमुख डॉन रैमस्डेल ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में मामले के बारे में कहा, “66 वर्षीय गैरी हार्टमैन को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और उसके ऊपर हत्या व दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है।”

सीएनएन की खबर के मुताबिक, हार्टमैन को सोमवार को मुकदमे के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मिशेल वेल्च अपनी दो छोटी बहनों के साथ 26 मार्च, 1986 को शहर के पुगेट पार्क गई थीं। रैमस्डेल ने कहा कि सुबह करीब 11 बजे मिशेल साइकिल से अपने घर खाना लेने गईं। जब वह चली गईं, तो उसकी बहन रेस्टरूम के लिए रेस्तरां पहुंचीं।

उन्होंने कहा, “एक खोजी कुत्ते ने मिशेल का शव उस रात खेल स्थान से करीब एक-चौथाई मील दूर एक सुनसान जगह से बरामद किया।” रैमस्डेल ने कहा कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी। अगस्त 1986 में एक 13 वर्षीय एक अन्य लड़की जेनिफर बैस्टियन की भी हत्या हुई थी।

सीएनएन ने रैमस्डेल के हवाले से कहा, “दो भाइयों ने संभावित संदिग्ध की पहचान की और जासूसों ने हार्टमैन का पीछा करना शुरू कर दिया, जो अक्सर एक रेस्तरां में जाकर कॉफी के लिए सहकर्मी से मिला करता था।” जासूस ने कहा, “मैंने उसे कई बार नैपकिन का प्रयोग करते हुए पाया।”

उस नैपकिन को इकठ्ठा कर वाशिंगटन स्टेट पैटरोल क्राइम लैबोरेटरी भेजा गया। मंगलवार को लैब ने पुलिस को बताया कि नैपकिन से मिला डीएनए घटना स्थल के पास से पाए गए डीएनए से मैच हो गया है। (इनपुट आईएएनएस)

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1 जनवरी से लोगों को मिलने लगेगी रूस में बनी कोरोना की वैक्सीन

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नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को एलान किया कि उन्होंने कोरोना की वैक्सीन बना ली है। साथ ही उनकी बेटी को इसका टीका भी लग गया है। इसके बाद से लोगों के मन में एक ही सवाल था कि आम लोगों की पहुंच में ये दवा कब तक होगी।

बताया जा रहा है कि रूस में बनकर तैयार हुई कोविड-19 की वैक्सीन 1 जनवरी, 2021 से सिविलियन सकुर्लेशन में जाएगी यानि कि इसी दिन से इसकी पहुंच आम लोगों तक कराई जाएगी। रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा कि यहां के माइक्रोबायोलॉजी रिसर्च सेंटर गेमालेया और रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित कोविड-19 की वैक्सीन सबसे पहले चिकित्साकर्मियों और शिक्षकों को दी जाएगी।

उन्होंने कहा, “हम आम लोगों में चरणबद्ध तरीके से इसका उपयोग करना शुरू करेंगे। इसमें सबसे पहले उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी जो काम के सिलसिले में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं और ये चिकित्सा कर्मी हैं और यह उन्हें भी पहले मुहैया कराई जाएगी जो बच्चों की सेहत के लिए जिम्मेदार हैं यानि कि शिक्षक।”

रूसी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीन के उत्पादन के लिए गेमालेया रिसर्च सेंटर इंस्टीट्यूट और फार्मास्युटिकल कंपनी बिन्नोफार्म जेएससी इन्हीं दो जगहों का उपयोग किया जाएगा।

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