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वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सेतु बने कृषि विज्ञान केंद्र : उपराष्‍ट्रपति

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उपराष्‍ट्र‍पति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि किसानों को ज्ञान देने और कृषि की नवीनतम तकनीकी की जानकारी देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सेतु का काम करें। उन्होंने कहाकि किसानों, नीति निर्माताओं और वैज्ञानिकों के बीच नियमित संवाद की जरूरत है।

उपराष्‍ट्रपति शुकवार को महाराष्‍ट्र के बारामती में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।

उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कृषि विज्ञान केंद्रों से कहा कि वे किसानों को रेशम उत्‍पादन डेयरी, मुर्गी उत्‍पादन, मछली पालन, बीज प्रसंस्‍करण तथा अन्‍य सबद्ध क्षेत्रों में प्रशिक्षित करके कृषि को लाभकारी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाए।

उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि कृषि पर निर्भर लोगों के जीवन में सुधार को शीर्ष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे लेागों को विकास का हिस्‍सा बनाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि किसानों, नीति निर्माताओं तथा वैज्ञानिकों के बीच नियमित संवाद करने की आवश्‍यकता है।

कृषि विज्ञान केंद्र बारामती को कृषि अनुसंधान केंद्रों के लिए रोल मॉडल बताते हुए उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि यह केंद्र ग्रामीण युवाओं को सशक्‍त बना रहा है।

उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू सब्जियों के लिए उत्‍कृ‍ष्‍टता केंद्र देखने गए। उन्‍होंने सब्‍जी उपज के क्षेत्र में तकनीकी विकास की जानकारी ली। उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थियों से भी बातचीत की।

इस अवसर पर महाराष्‍ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्‍ता संरक्षण मंत्री श्री गिरीश बापट, भूतपूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शरद पवार तथा अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित थे।

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लोकसभा चुनाव 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किसानों पर मास्टर स्ट्रोक, रवीश की भी बोलती बंद

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सारी पार्टीयां तैयारियों में जुट गईं हैं। इन्हीं तैयारियों को मद्देनज़र रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को लेकर एक दांव चला है। उनके इस दांव से किसानों को फायदा होता दिख रहा है और अगर किसानों को फायदा हुआ तो मोदी जी को भी आगामी चुनाव में लाभ हो सकता है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बड़ा दांव चला है। जिस से सरकार ने किसानों के साथ मज़दूरों को भी लुभाने की कोशिश है। सरकार ने खरीफ की फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने की घोषणा की है। जिनमें सबसे प्रमुख धान की फसल को बताया गया है। धान के समर्थन मूल्य में सरकार ने 200 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया है। इससे देश के बड़े हिस्से में खेती करने वाले किसानों को मुनाफा होगा।

आपको बता दें कि धान का मौजूदा मूल्य 1550 प्रति क्विंटल था। धान का बिक्री अब नए मूल्य के साथ यानी 1750 रूपए होगी।

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