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पति निकला नपुंसक तो ससुरालियों ने जेठ से ‘संबंध’ बनाने का डाला दबाव, जेठानी बोली- मुझे कोई आपत्ति नहीं

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हमारे भारत में शादी एक पवित्र बंधन होता है। कहते हैं कि लड़की के हाथों पर जिसके नाम की मेहंदी रच जाती है वही उसका सब कुछ हो जाता है। शादी के बाद लड़की के तन, मन और धन पर सारा एकाधिकार सिर्फ उसके पति का होता है। लेकिन इस सब के बावजूद हरियाणा के हिसार में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है।

इसी साल जनवरी में चंडीगढ़ के करीब के एक शहर में इस महिला की शादी हुई थी। दरअसल, सुहागरात के दौरान पत्नी को पता चलता है कि उसका पति नपुंसक है। पति ने शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि वो जिस्मानी तौर पर बीमार है और उनका इलाज चल रहा है।जब बहू ने पति के नपुंसक होने की बात ससुराल वालों को बताया कि उन्होंने कहा कि जेठ से शारीरिक संबंध बनाओ। इसके बाद जेठानी ने भी कहा कि उनको कोई आपत्ति नहीं है। फिर बहू को ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे और एक दिन जेठ ने बहू के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की।
इसके बाद बहू थाने पहुंची और उसने जेठ पर रेप आरोप के साथ पति, जेठ, जेठानी, सास और ससुर पर प्रताड़ना देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला थाने की दरोगा सुनीता देवी ने केस दर्ज कर लिया है और कहा कि कार्रवाई की जा रही है।

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13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का लखनऊ में हुआ शुभारम्भ

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लखनऊ। 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ सोमवार को बाबू के.डी.सिंह स्टेडियम के बहुउद्देशीय हाल में हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े और खेल निदेशक डा. आर.पी.सिंह  ने दीप प्रज्जवलित करके किया।

यह जानकारी भारतीय कुंग फू फेडरेशन की महासचिव मंजू त्रिपाठी ने देते हुए कहा कि आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ शुरू हो गया। इस प्रतियोगिता में 18 राज्यों के 500 कुंग फू खिलाड़ी भाग लेंगे।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े ने कहा कि आज इस खेल की समाज को आवश्यकता है, खास तौर से हमारी बहन-बेटियों को आत्मा रक्षा की इस कला को जरूर सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस खेल का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। सरकार  सभी बच्चों को स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाए।

इस अवसर पर खेल निदेशक डा. आर.पी. सिंह ने कहा कि मार्शल आर्ट्स यानी कुंग फू खेल स्वस्थ भारत, समर्थ भारत और अनुशासित भारत तथा अनुशासित नागरिक तैयार कर सकता है।

आज अधिकतर युवा पीढ़ी खेलों से दूर होती जा रही है। खेलों के बजाय मोबाइल में लगकर अपना जीवन अंधकार में कर रहे है। महिला सशक्तिकरण के लिए ही यह खेल बहुत ही आवश्यक है। इस खेल के जरिए अपनी आत्मा रक्षा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस खेल को हर नागरिक को सीखना चाहिए।

इस अवसर पर भारतीय कुंग फू संघ के उपाध्यक्ष डा. चंद्र सेन वर्मा, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, उपनिदेशक शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार, जे.पी. शुक्ला आदि गणमान्य व्यक्ति व भारी संख्या में जनता मौजूद थी।

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