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उत्तराखंड

योग दिवस से उत्तराखंड में बढ़ेगा पर्यटन और नौकरियां : त्रिवेंद्र सिह

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति और समारोह को दुनियाभर के लोगों के देखे जाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

उत्तराखंड ने गुरुवार को चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की मेजबानी की। इस समारोह को देहरादून के फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) में मनाया गया, जिसमें लगभग 50,000 लोगों ने योग ‘आसन’ किया। इस समारोह में विदेशों के 35 से ज्यादा स्वंयसेवकों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का मानना है कि यह समारोह ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने, ज्यादा नौकरियों का सृजन करने और व्यापारिक अवसरों को पैदा करने में मदद कर सकता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य समारोह का आयोजन करने से निश्चय ही उत्तराखंड को नई पहचान मिली है, क्योंकि 193 देशों के लोगों ने इसे देखा।”

उन्होंने कहा, “अगर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, तो इससे राज्य में नई नौकरियों और व्यापारिक अवसर का सृजन होगा। जैसा की हम उम्मीद कर रहे हैं, सबकुछ वैसे ही हुआ, तो उत्तराखंड को नई दिशा मिलेगी। बेरोजगारों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 लाख विदेशी पर्यटक सहित करीब तीन करोड़ पर्यटक प्रत्येक वर्ष उत्तराखंड आते हैं। अगर यह संख्या बढ़ेगी तो राज्य को ज्यादा राजस्व प्राप्त होगा। रावत ने कहा कि विदेशी पर्यटकों का उत्तराखंड की ओर आकर्षण मुख्यत: इसका भारत का योग केंद्र के तौर पर प्रसिद्ध होना है। इस समारोह के बाद, राज्य की प्रसिद्धि में ‘निश्चिय ही बढ़ोत्तरी’ होगी।

उत्तराखंड में 2013 में आई विध्वंसकारी बाढ़ के बाद पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुआ था।उत्तराखंड प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार 2013 आपदा के बाद घरेलू पर्यटकों में 25 प्रतिशत तक और विदेश पर्यटकों में 20 प्रतिशत की गिरावट हुई थी। यहां पर्यटन ने दोबारा रफ्तार पकड़ी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से इसमें और तेजी आएगी। (इनपुट आईएएनएस)

उत्तराखंड

आपदा पीड़ित परिवारों को 4 लाख रुपए का मुआवजा देगी उत्तराखंड सरकार

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को उत्तरकाशी जनपद के आराकोट पहुंचकर गत रविवार को आई प्राकृतिक आपदा अतिवृष्टि के कारण आराकोट, माकुडी, टिकोची, किराणु, चीवां, बलावट, दुचाणु, डगोली, बरनाली, गोकुल, मौंडा गांव का स्थलीय और हेलीकॉप्टर से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र आराकोट में दैवीय आपदा से पीड़ित लोगों से मिले और ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने आराकोट इंटर कालेज में बनाए गए बेस कैंम्प व दैवीय आपदा से हुए नुकसान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आपदा में मारे गए परिजनों को दैवीय आपदा के मानकों के अनुसार शीघ्र मुआवजा राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मृत के परिजनों को 4-4 लाख की धनराशि दी जाएगी। घायलों का ईलाज निःशुल्क सरकार के द्वारा किया जा रहा हैं। बेघर हुए लोगों के लिए ग्राम समाज की भूमि का चयन करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रभावित काश्तकारों की सेब,भूमि व भवनों के क्षति के आंकलन की रिर्पोट तैयार करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। ताकि शीघ्र प्रभावित लोगों को मुआवजा राशि वितरण कराई जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की पशुहानि का मुआवजा भी आपदा मानकों के अनुरूप शीघ्र प्रभावित लोगों को दिया जाएगा।

उन्होंने भरोसा दिया कि इस दुख की घड़ी में सरकार पूर्ण रूप से प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित सभी गांवों में राशन,पानी, कपड़े, कंबल व आवश्यक दवाईयां आदि पर्याप्त मात्रा में हेली से पंहुचाया गया है तथा जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा हैं।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि आपदा के कारण जानमाल का काफी नुकसान हुआ हैं। जिसमें सड़क,बिजली,पानी,सिचाई आदि जैसी सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई है। उन्होंने कहा कि यातायात को जल्द से सुचारू करना सरकार की प्राथमिकता है सड़क खुलने के साथ ही मुलभूत सुविधाओं को शीघ्र दुरूस्त कर लिया जाएगा।

 

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