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जम्मू कश्मीर में गठबंधन तोड़ने पर भाजपा पर देश के कई बड़े नेताओं ने मारे व्यंग्यभेदी बाण

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जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन की सरकार गिर गई। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल एन.एन. वोहरा को इस्तीफा दे दिया और राज्यपाल ने उसे मंजूर कर दिया। जम्मू कश्मीर में पीडीपी से भाजपा के समर्थन वापस ले लेने पर देश के कई बड़े नेताओं ने भाजपा और मोदी सरकार पर अपने तरकश के व्यंग्यभेदी बाण मारे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

राज्यपाल शासन में यह नुकसान जारी रहेगा : राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा-पीडीपी के अवसरवादी गठबंधन के कारण देश को रणनीतिक कीमत चुकानी पड़ी और राज्यपाल शासन में भी यह नुकसान जारी रहेगा।

राहुल ने ट्वीट किया, “भाजपा-पीडीपी के अवसरवादी गठबंधन ने जम्मू एवं कश्मीर में आग लगा दी, जिसमें हमारे बहादुर सैनिकों सहित कई मासूमों की जान चली गई। इससे भारत को रणनीतिक नुकसान पहुंचा और इससे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की वर्षों की कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया। राज्यपाल शासन में यह नुकसान जारी रहेगा। अयोग्यता, अहंकार और घृणा हमेशा असफल होती है।”

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)

यह गठबंधन शुरुआत से न चलने योग्य था : माकपा

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी व पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का अवसरवादी गठबंधन था, लेकिन भाजपा का इस समय गठबंधन सरकार से बाहर जाना जम्मू एवं कश्मीर को बड़ी अनिश्चितता में डाल सकता है। माकपा ने यह भी कहा कि भाजपा हालात खराब होने व लोगों के अलगाव के बढ़ने से अपने हाथ नहीं खड़ा कर सकती।

भाजपा के गठबंधन तोड़ने के बाद माकपा ने एक बयान में कहा, “यह गठबंधन शुरुआत से न चलने योग्य था। यह गठबंधन ऐसी ताकतों के बीच था, जिसने कभी भी किसी मुद्दे को सुलझाने की कोशिश नहीं की, बल्कि ये पूरी तरह से पद लाभ को साझा करने व अवसर का फायदा उठाने के लिए साथ आए थे।”

पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला

कश्मीर में जल्द चुनाव हो : उमर

पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर में जल्द चुनाव कराने की मांग की। उमर ने राज्यपाल एन.एन. वोहरा से मुलाकात की और उसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। उमर अब्दुल्ला ने कहा, “राज्यपाल के पास राज्यपाल शासन लगाने और स्थिति में सुधार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, ताकि नए चुनाव के बाद राज्य में एक लोकतांत्रिक सरकार का गठन किया जा सके।”

भाजपा के सरकार से हटने के संभावित कारणों के बारे में पूछे जाने पर नेशनल कांफ्रेंस नेता ने कहा, “मैं भाजपा के बारे में नहीं बोल सकता। इस फैसले की क्या वजह रही यह वही बता सकते हैं।” उन्होंने कहा, “हां, मैं भाजपा के फैसले के समय को लेकर चकित हूं। मुझे उम्मीद थी कि यह इस साल के अंत में होगा, लेकिन हालात बिगड़ने के कारण यह जल्दी हो गया।”

यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा ने एकतरफा फैसला लेकर पीडीपी को परेशान किया? अब्दुल्ला ने कहा, “पीडीपी परेशान है या नहीं वे जानते होंगे, लेकिन मेरा मानना है कि भाजपा को पीडीपी को विश्वास में लेना चाहिए था।” उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि इन दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर राज्य को पीछे धकेल दिया है।”

इस्तीफा दे चुकीं जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती

कश्मीर में जोर-जबरदस्ती की नीति कारगर नहीं होगी : महबूबा

इस्तीफा दे चुकीं जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य में बल प्रयोग की नीति कार्य नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “हम इस बात पर अटल हैं कि जम्मू एवं कश्मीर में बल प्रयोग की नीति कार्य नहीं करेगी। हम राज्य के साथ शत्रु क्षेत्र जैसा बर्ताव नहीं कर सकते।”

लेकिन उन्होंने आतंकियों पर भी निशाना साधा। महबूबा ने कहा, “संघर्षविराम लोगों की जिंदगियों में राहत लेकर आया था, लेकिन दुर्भाग्यवश दूसरे पक्ष (अलगाववादियों) ने कोई सकरात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी और इसके बजाय वह संघर्षविराम को खत्म करना चाहते थे।”

पीडीपी नेता ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से देश में अल्पसंख्यकों के बीच असुरक्षा का भाव है। महबूबा ने कहा, “हमें संविधान के अनुच्छेद 370 और राज्य के विशेष दर्जे के बारे में आशंका थी। हमने अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए की रक्षा की है।” (इनपुट आईएएनएस)

प्रादेशिक

यूपी स्टेट कुंग फू चैंपियनशिप में लखनऊ बना चैंपियन, जीते 82 पदक

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश कुंगफू संघ के तत्वाधान में केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बहुउद्देशीय हाल में 15 व 16 अक्टूबर 2019 को आयोजित हुई यूपी स्टेट कुंग फू चैंपियनशिप का भव्य समापन हुआ।

 

 

यूपी स्टेट कुंग फू चैंपियनशिप में कई जिलों से आए हुए कुंगफू खिलाड़ियों ने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। दो दिनों तक चली इस प्रतियोगिता के आखिरी दिन प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

चैंपियनशिप में सबसे ज़्यादा 82 पदक हासिल कर लखनऊ जिला पहले स्थान पर रहा। वहीं झांसी 11 और जौनपुर जिला नौ पदकों को जीतकर दूसरे व तीसरे पायदान पर रहे।

यूपी स्टेट कुंग फू चैंपियनशिप में लखनऊ की टीम ने 40 स्वर्ण, 25 रजत और 17 कांस्य पदक जीते। वहीं झांसी ने 05 स्वर्ण, 03 रजत और 03 कांस्य पदक हासिल किए।

प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रहने वाली जौनपुर की टीम ने 05 स्वर्ण, 02 रजत और 02 कांस्य पदक जीते। चैंपियनशिप में करीब 15 राज्यों के 160 महिला पुरुष कुंग फू खिलाड़ियों ने सब जूनियर- सीनियर कैटेगरी में हिस्सा लिया।

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