Connect with us

नेशनल

बेहाल बिहार: लूटपाट के बाद पति को पेड़ से बांध, उसके सामने किया पत्नी और बेटी से गैंगरेप

Published

on

पटना। अगर बात आंकड़ों की करें तो पिछले कुछ वक़्त से बिहार में दुष्कर्म की घटनों में इज़ाफा हुआ है। लोगों के इस असुरक्षित माहौल पर सरकार खामोश है। सरकार और प्रशासन की चुप्पी के चलते बुधवार को एक और शर्मनाक घटना घटित हुई। घटना के अनुसार एक व्यक्ति को पेड़ से बांधकर उसकी पत्नी और बेटी के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता ने 2 आरोपियों की पहचान भी कर ली है। कर्तव्यहीनता के आरोप में एक एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है।

घटना गया के कोंच थाना क्षेत्र में बुधवार रात की है। रात करीब 9 बजे एक परिवार मोटरसाइकिल से जा रहा था। रास्ते में सोनडीहा गांव के पास 8-10 लोगों ने उन्हें घेर लिया। पहले तो अपराधियों ने परिवार के साथ लूटपाट की। फिर मोटरसाइकिल चला रहे व्यक्ति को पेड़ से बांध दिया और उसकी पत्नी और बेटी को दूर ले जाकर गैंगरेप किया। पटना क्षेत्र के आईजी नैय्यर हसनैन खां के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 2 अपराधियों की पहचान पीडि़ता ने कर ली है।

पीडि़ताओं का गया में मेडिकल करवाया गया। गया के एसएएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि कर्तव्यहीनता के आरोप में कोंच के थाना प्रभारी राजीव रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

नेशनल

दिल्ली हिंसा: पुलिस को फटकार लगाने वाले जज का हुआ तबादला, कांग्रेस ने उठाए सवाल

Published

on

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को फटकार वाले जज एस मुरलीधर का तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में कर दिया गया है। सुप्रीम कॉलिजियम ने बीती 12 फरवरी को जस्टिस मुरलीधर के तबादले को लेकर सुझाव दिया था जिसके बाद बुधवार को इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे के साथ विचार-विमर्श करने के बाद फैसला लिया है।

वहीँ, जज के तबादले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले को दुखद बताया। इसबीच उनके भाई तथा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यायमूर्ति लोया के याद करते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया, जिनकी मौत पर राजनीतिक विवाद हुआ था। प्रियंका ने ट्वीट किया, “वर्तमान स्थिति को देखते हुए न्यायमूर्ति मुरलीधर का आधी रात को ट्रांसफर चौंकाने वाली घटना नहीं है, लेकिन यह दुखद और शर्मनाक है।”

स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, “लाखों भारतीय नागरिकों को ईमानदार न्यायपालिका पर विश्वास है, लेकिन न्याय को विफल करने और उनके विश्वास को तोड़ने का सरकार का प्रयास दुस्साहस भरा है।” इसी दौरान उनका साथ देते हुए राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर दिया, “बहादुर जज लोया की याद आई, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ था।” न्यायाधीश बी.एच. लोया सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे थे, जब दिसंबर 2014 में उनकी नागपुर में संदिग्ध मौत हो गई थी। कानून एवं न्याय मंत्रालय ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर का स्थानांतरण (ट्रांसफर) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट कर दिया था।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending