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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर के अलगाववादियों से कहा, मौके का लाभ उठाएं

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जम्मू कश्मीर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अलगाववादियों को एक सलाह दी कहा, सरकार से वार्ता का सुनहरा मौका न गंवाएं। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आतंकियों के ग्रेनेड से हमले और सुरक्षा बलों पर गोलियां बरसाने की लगातार हो रही घटनाओं पर चिंता जताई।

यहां एक सेतु के उद्घाटन के मौके पर सोमवार को उन्होंने कहा, “प्रदेश में अनिश्चितता के माहौल का खात्मा करते हुए स्थाई शांति कायम करने के लिए अलगाववादियों समेत सबको आगे आना चाहिए और जम्मू एवं कश्मीर के मसले सहित राज्य की सभी समस्याओं के समाधान के लिए गृहमंत्री के बातचीत के प्रस्ताव पर अमल करना चाहिए।”

उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह आगे इस बात पर निर्भर करेगी कि धरातल पर स्थिति कितनी अच्छी रहेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सुनहरा मौका है। ऐसा मौका बार-बार नहीं आता है। अत्यंत शक्तिशाली प्रधानमंत्री इस तरह का प्रस्ताव करता है। 18 साल पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में ऑपरेशन बंद किया गया था।”

उन्होंने कहा, “उस समय उपप्रधानमंत्री एल. के. आडवाणी ने अपने स्तर पर बातचीत की थी। लगता है कि वही प्रक्रिया अब फिर दोहराई जा रही है, लेकिन हम किसी पर दबाव नहीं डाल सकते हैं। हमें उम्मीद है कि अलगाववादी इस मौके का लाभ उठाएंगे।” (इनपुट आईएएनएस)

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13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का लखनऊ में हुआ शुभारम्भ

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लखनऊ। 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ सोमवार को बाबू के.डी.सिंह स्टेडियम के बहुउद्देशीय हाल में हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े और खेल निदेशक डा. आर.पी.सिंह  ने दीप प्रज्जवलित करके किया।

यह जानकारी भारतीय कुंग फू फेडरेशन की महासचिव मंजू त्रिपाठी ने देते हुए कहा कि आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ शुरू हो गया। इस प्रतियोगिता में 18 राज्यों के 500 कुंग फू खिलाड़ी भाग लेंगे।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े ने कहा कि आज इस खेल की समाज को आवश्यकता है, खास तौर से हमारी बहन-बेटियों को आत्मा रक्षा की इस कला को जरूर सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस खेल का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। सरकार  सभी बच्चों को स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाए।

इस अवसर पर खेल निदेशक डा. आर.पी. सिंह ने कहा कि मार्शल आर्ट्स यानी कुंग फू खेल स्वस्थ भारत, समर्थ भारत और अनुशासित भारत तथा अनुशासित नागरिक तैयार कर सकता है।

आज अधिकतर युवा पीढ़ी खेलों से दूर होती जा रही है। खेलों के बजाय मोबाइल में लगकर अपना जीवन अंधकार में कर रहे है। महिला सशक्तिकरण के लिए ही यह खेल बहुत ही आवश्यक है। इस खेल के जरिए अपनी आत्मा रक्षा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस खेल को हर नागरिक को सीखना चाहिए।

इस अवसर पर भारतीय कुंग फू संघ के उपाध्यक्ष डा. चंद्र सेन वर्मा, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, उपनिदेशक शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार, जे.पी. शुक्ला आदि गणमान्य व्यक्ति व भारी संख्या में जनता मौजूद थी।

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