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खेल-कूद

मोम के विराट कोहली… आश्चर्य

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भारतीय क्रिकेट टीम कप्तान विराट कोहली को मोम का बना देख आश्चर्य होगा। दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में विराट कोहली के मोम के पुतले दूसरे बड़ी हस्तियों के बीच रखा गया। विराट कोहली का यह पुतला उन्हें बल्लेबाजी करते हुए दर्शाया गया है। उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी में दर्शाया गया है। इसमें उन्होंने हेलमेट नहीं पहना है। तस्वीरों में देखें विराट कोहली का पुतला।

सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, लियोनेल मेसी, उसेन बोल्ट, मिल्खा सिंह, मैरी कॉम, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, कपिल देव, डेविड बैकहम जैसी खेल जगत तथा मनोरंजन, राजनीति सहित कई अन्य हस्तियों के साथ अब विराट कोहली भी शामिल हो गए हैं।

मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक व निदेशक अंशुल जैन ने कहा, “कोहली के पुतले के निर्माण में छह माह का समय लगा और 20 कलाकारों ने मिलकर उनके इस मोम के पुतले को तैयार किया। इसके लिए उनके 200 नाप लिए गए और कई फोटो भी खींची गई। उनका यह पोज उनकी उपलब्धियों को दर्शाता है।”

दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में विराट कोहली के मोम के पुतले संग मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक व निदेशक अंशुल जैन

दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में विराट कोहली का मोम का पुतला

दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में एक छोर पर विराट कोहली का मोम का पुतला और दूसरे छोर पर कपिल देव

दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में विराट कोहली का मोम का पुतला

दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में विराट कोहली के मोम के पुतले संग फोटो खींचती एक प्रशंसक

प्रशंसकों के बीच दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में विराट कोहली का मोम का पुतला

खेल-कूद

नहीं रहा फुटबॉल का ये दिग्गज खिलाड़ी, कोरोना वायरस ने ली जान

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। अफ्रीकी फुटबाल परिसंघ (सीएएफ) और सोमाली फुटबाल महासंघ (एसएफएफ) ने सोमालिया के दिग्गज खिलाड़ी अब्दुलकादिर मोहम्मद फराह की कोरोनावायरस के कारण हुई मौत की पुष्टि की है।

फराह की उत्तरपश्चिम लंदन में मंगलवार को 59 साल की उम्र में कोरोनावायरस के चलते मौत हो गई। वह सोमालिया सरकार के युवा एवं खेल मंत्रालय में सलाहाकार के तौर पर काम कर रहे थे।

उनका जन्म बेलेडव्येने शहर में 15 फरवरी 1961 को हुआ था। वह पहली बार 1976 में राष्ट्रीय टीम के लिए खेले थे। वह इस बीमारी से मरने वाले अफ्रीका के पहले फुटबालर हैं। इस बीमारी ने पूरे विश्व में अभी तक कुल 20,000 लोगों की जिंदगी ले ली है।

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