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गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई लाने वाले कांग्रेसी नेता शांताराम नाइक का निधन

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गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका दिलावाने वाले गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके शांताराम नाइक (76 वर्ष) का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

कांग्रेस के लिए आज दिन अच्छा नहीं रहा। कांग्रेस के कद्दावर नेता एलपी शाही (98 साल) का भी आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया।

शांताराम नाइक की जगह अप्रैल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने गिरीश चोडणकर ने पणजी में बताया, “नाइक का सुबह 6.30 बजे के आसपास निधन हो गया।” चोडणकर ने कहा, “उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें मडगांव में एक निजी अस्पताल ले जाया गया।” उन्हें त्रिमूर्ति अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

शांताराम नाइक का अंतिम संस्कार रविवार को दक्षिण गोवा के कंकोलिम गांव में सुबह 10.30 बजे होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नाइक के निधन पर शोक जताते हुए कहा, “गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री शांताराम नाइक के निधन के बारे में सुनकर दुखी हूं, जिन्होंने गोवा को राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई।”

राहुल ने ट्वीट कर कहा,”दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदना उनके परिवार के साथ है। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

शांताराम नाइक 2005 से 2011 तक और 2011 से 2017 तक लगातार दो बार राज्यसभा में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। साल 1967 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत में ही नाइक एक कार्यकर्ता के रूप में कांग्रेस में शामिल हो गए और 1984 में उत्तर गोवा लोकसभा सीट पर सफलतापूर्वकचुनाव लड़े।

उन्होंने उस विधेयक के पारित होने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे गोवा को 30 मई 1987 को राज्य का दर्जा मिल सका।  (इनपुट आईएएनएस)

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एनकाउंटर के डर उज्जैन पुलिस के सामने गिड़गिड़ाता रहा विकास दुबे, बोला-मुझे यहीं जेल में डाल दो

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लखनऊ। यूपी के कानपुर के आठ पुलिस वालों के हत्यारे विकास दुबे को यूपी एसटीएफ ने उसके अंजाम तक पहुंचा दिया है। अब विकास दुबे के मारे जाने के बाद इस केस को लेकर रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। बता दें कि उज्जैन में महाकाल के दर्शन करते समय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था, इसके बाद जब उज्जैन पुलिस उसे यूपी एसटीएफ के हवाले करने जा रही थी तो वह बार-बार उनके सामने गिड़गिड़ा रहा था। विकास कह रहा था कि वह उसे यूपी एसटीएफ के हवाले न करें। उसे यही जेल में डाल दिया जाए। विकास को डर था कि जिस तरह एक-एक कर उसके साथियों का एनकाउंटर हो रहा है कहीं यूपी पुलिस उसका भी एनकाउंटर न कर दे।

विकास को छोड़ने जा रही टीम में शामिल एक जवान ने स्थानीय अखबार से बात करते हुए कहा है कि विकास लगातार डरा हुआ था। उसे पता था कि यूपी पुलिस के हाथ लगा तो उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। विकास को यूपी पुलिस के हवाले करने 16 जवानों की टीम गई थी। वह लगातार पुलिस की टीम से कहा रहा था कि मुझे उज्जैन जेल में ही डाल दो। एक जवान ने बताया कि वह उज्जैन में ही रखे जाने को लेकर रास्ते भर गिड़गिड़ा रहा था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान विकास दुबे पुलिस के सामने कई बार रोया था। उसने उज्जैन में अधिकारियों से भी गुहार लगाई थी कि मुझे कोर्ट में पेशी को बाद उज्जैन जेल में ही भिजवा दो, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और वो अपने अंजाम तक पहुंच गया।

#VIKASDUBEY #UJJAINPOLICE #UPSTF

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