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उत्तराखंड

पिछले 16 दिनों में बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे डेढ़ लाख श्रद्धालु, टूटा रिकार्ड

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केदारनाथ धाम में लगातार हो रही बर्फबारी और तूफान के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हो रही है। हालत यह है कि बाबा केदारनाथ के भक्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

वर्ष 2013 में आई प्राकृतिक आपदा के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब केदरनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। 29 अप्रैल से अब तक सिर्फ 16 दिनों से अंदर ही डेढ़ लाख से ज़्यादा श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए धाम आ चुके हैं। इस पूरे सीजन में लोगों की भीड़ को देखते हुए दर्शन के लिए आ रहे लोगों का आंकड़ा 10 लाख के पार जा सकता है। बाबा केदारनाथ में 16 दिन के भीतर की 1.6 लाख से श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। 29 अप्रैल को ही 25,073 श्रद्धालुओं ने धाम आकर बाबा के दर्शन किए थे।

बर्फबारी के बाद पिछले पांच दिनों से हुआ है मौसम में सुधार।

इससे पहले आठ मई को बर्फबारी होने से यात्रा प्रभावित हुई थी। इसके बावजूद इस दिन 3,085 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए मंदिर पर इक्ट्ठा हुए थे। फिर नौ मई को मौसम में सुधार होने पर यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ ली। बीते पांच दिनों से तो यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।

केदारनाथ यात्रा में यह पहली बार है कि, जब 16 दिन के भीतर ही डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं। साल 2017 में धाम में डेढ़ लाख का आंकड़ा 29 दिन में पूरा हुआ था। वहीं 2016 में यह आंकड़ा पार करने में दो महीने लग गए थे।

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उत्तराखंडः सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का बड़ा एलान, बढ़ेगी बंदियों के दो समय के भोजन की धनराशि

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को पुलिस लाईन, देहरादून में पुलिस स्मृति परेड में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के पुलिस व अर्द्धसैन्य बलों के शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांस्टेबल से निरीक्षक तक के पुलिस कर्मियों के वर्दी धुलाई भत्ते को 150 रूपए से बढ़ाकर 200 रूपए करने, पुलिस विभाग में कार्यरत अंशकालिक स्वच्छकों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 2500 रूपए करने और विचाराधीन बंदियों के दो समय के भोजन के लिए धनराशि 45 रूपए से बढ़ाकर 100 रूपए करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि देश की आन्तरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्यों के पुलिस बलों व देश के अर्द्ध सैन्य बलों की होती है। अपने इस पुनीत कार्यों को निभाते हुए इन कर्मियों को अपने जीवन की आहुति भी देनी पड़ती है।

विगत एक वर्ष में देश में राज्यों की पुलिस व अर्द्धसैन्य बलों से देश की रक्षा के लिए कुल 292 जवानों ने अपनी शहादत दी। ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले ये सभी जवान हम सबके प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने इन वीर शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की। इन शहीदों में उत्तराखण्ड के एक पुलिसकर्मी  योगराज सिंह ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में आज कोई ऐसा देश नहीं है, जो आतंकवाद की समस्याओं से न जूझ रहा हो। हमें इन चुनौतियों का डट कर सामना करना है, इससे निपटने के लिए एक सुनियोजित रणनीति के तहत कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक व सामरिक दृष्टि से  राष्ट्र के लिए अत्यंत संवेदनशील व महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य पुलिस के समक्ष अनेक चुनौतियाँ हैं। जिनमें बड़े त्योहार, चारधाम यात्रा, आपदा भूस्खलन एवं 2021 में होने वाले महाकुंभ का आयोजन है।

प्रदेश में शांति व कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि उत्तराखण्ड पुलिस अपनी जन शक्ति और संसाधनों से इन चुनौतियों का सामना करने में सफल होगी।

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