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सिर्फ एक केले से उड़ गए महिला के होश, कंपनी को कॉल कर कही ये बात

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नई दिल्ली। अगर आप बाज़ार में केला खरीदने जाते हैं जो कि हर मौसम का फल है तो आपको 20 रूपए दर्जन या 30 रूपए दर्जन मिलता है। इससे महंगा केला आप नहीं खरीदते। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि दर्जन की बात तो छोड़िए सिर्फ एक केले की कीमत 87,000 रूपए हो सकती है तो ? अरे हाँ, एक महिला ने एक केला पास की सुपर मार्केट से ऑर्डर किया जिसकी कीमत थी 87,000 रूपए। केले की कीमत सुनकर ही महिला के होश उड़ गए। अब तफ़सील से सुनिए

ब्रिटेन के नॉटिंघम में रहने वाली इस महिला का नाम है बॉबी गॉर्डन। एक दिन ये महिला घर पर अकेली थी और इसे केला खाने की इच्छा हुई। तो इसने पास की ही सुपर मार्केट से केला ऑनलाइन ऑर्डर किया। केले की जब डिलीवरी हुई तो महिला के होश उड़ गए। उसने केले के ऊपर लगा टैग देखा जिसमें केले की कीमत 930 पाउंड थी। भारतीय मार्केट के हिसाब से इसकी कीमत 87000 रुपये हुई।

केले की वास्तविक कीमत सामान्य ही थी। महिला ने तुरंत इस केले के बिल की फोटो खींचकर कम्पनी को भेजी। इसके बाद कंपनी ने इस मामले को संज्ञान में लिया और महिला से फ़ोन कर माफी मांगी।

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इस देश के डॉक्टरों ने किया बड़ा दावा, अब कमजोर पड़ने लगा है कोरोना वायरस

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस दुनियाभर के लगभग 62 लाख लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इस खतरनाक बीमारी से मरने वालों की संख्या 3 लाख 71 हजार के पार चली गई है।

इस बीच इटली के टॉप डॉक्टर्स ने कोरोना को लेकर एक अच्छी खबर दी है। इस देश के डॉक्टर्स के दावे के मुताबिक  वायरस धीरे-धीरे अपनी क्षमता खो रहा है और अब उतना जानलेवा नहीं रह गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस अब कमजोर पड़ रहा है। जेनोआ के सैन मार्टिनो अस्पताल में संक्रामक रोग प्रमुख डॉक्टर मैट्टेओ बासेट्टी ने ये जानकारी न्यूज एजेंसी ANSA को दी।

डॉक्टर मैट्टेओ ने कहा, कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है. इस वायरस में अब वैसी क्षमता नहीं रह गई है जैसी दो महीने पहले थी। स्पष्ट रूप से इस समय की COVID-19 बीमारी अलग है।’

लोम्बार्डी के सैन राफेल अस्पताल के प्रमुख अल्बर्टो जांग्रिलो ने RAI टीवी को बताया,  ‘वास्तव में, वायरस क्लीनिकली रूप से अब इटली में मौजूद नहीं है। पिछले 10 दिनों में लिए गए स्वैब सैंपल से पता चलता है कि एक या दो महीने पहले की तुलना में अब इनमें वायरल लोड की मात्रा बहुत कम है।’

इटली में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है और COVID-19 से होने वाली सबसे ज्यादा मौतों में इटली तीसरे नंबर पर है। हालांकि मई महीने में यहां संक्रमण के नए मामलों और मौतों में तेजी से गिरावट आई है और यहां कई जगहों पर सख्त लॉकडाउन को खोला जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक मंत्री सैंड्रा जम्पा ने एक बयान में कहा, ‘कोरोना वायरस खत्म होने वाली बातों के लिए लंबित पड़े वैज्ञानिक प्रमाणों का सहारा लिया जा रहा है। मैं उन लोगों से कहती हूं कि इटली के लोगों को भ्रमित ना करें।’

सैंड्रा जम्पा ने कहा, ‘इसके बजाय हमें लोगों से अधिक सावधानी बरतने, फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, भीड़ में ना जानें, बार-बार हाथ धोने और मास्क पहनने के लिए कहना चाहिए।’

 

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