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सावधान ! संभल कर प्यार जताएं पालतू जानवरों से, हो सकती हैं ये भयानक बीमारियां

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अगर आप अपने पालतू जानवरों के साथ बहुत ज्यादा लाड़-प्यार जताते हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। डॉक्टरों ने देखा है कि कुत्तों के चाटने भर से आपको तकलीफदेह यूटीआई या यूरीनरी टै्रक्ट इन्फेक्शन सिस्टाइटिस हो सकते हैं। कई बार तो इन्हें सही होने में 12 महीनों तक का समय लग सकता है।

डेनमार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के डॉ. पीटर डेमबॉर्ग ने इस पर रिसर्च करके बताया है कि ऐसे लोग जिनका इम्यून सिस्टम या प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है उन्हें जानवरों से दूरी बनाकर रहनी चाहिए। इसके अलावा जो लोग बीमार चल रहे हों, कीमोथेरेपी करवा रहे हों और खासकर गर्भवती महिलाओं को जानवरों से होने वाले इन्फेक्शन के बारे में सर्तक रहने की जरूरत है। इन जानवरों की लार, मूत्र और उनके मल में रोग फैलाने वाले बैक्टीरिया या वायरस होते हैं। जानवरों में भले ही ये रोग न दिखाई दें लेकिन उनमें रोग फैलाने वाले सूक्ष्मजीव जीवन भर रहते हैं।

इसी तरह से बिल्लियों के मल में एक परजीवी टोक्सोप्लाज्मा गोन्डाइ पाया जाता है। इसके संपर्क में आने पर अल्जाइमर्स, पार्किन्संस, मिर्गी और यहां तक कि कैंसर तक होने की आशंका रहती है।

इसलिए अपने पालतू पशु-पक्षियों को समय-समय पर दवाएं देते रहें और खुद उनसे सुरक्षित दूरी बनाकर रहें।

नेशनल

निर्भया के दोषियों को इस दिन दी जा सकती है फांसी, सताने लगा मौत का डर

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नई दिल्ली। देश में बढ़ती रेप की घटनाओं को लेकर लोगों के अंदर गुस्सा है। पहले हैदराबाद में डॉक्टर दिशा की रेप के बाद जलाकर की गई हत्या हो या उन्नाव में रेप पीड़िता को जलाकर मार देना। लोग रेप के दोषियों के जल्द से जल्द फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इस बीच निर्भया को दोषियों को भी अपनी मौत का डर सताने लगा है। दरअसल दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने निर्भया के दोषियों की दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजा है। अब अगर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दया याचिका को खारिज करते हैं तो दोषियों को सजा दी जाएगी।

निर्भया के दोषियों की दया याचिका खारिज होने के बाद अब उनकी फांसी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच फांसी की तारीख को लेकर भी कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, जिसमें दिसंबर 2019 का ही एक दिन फांसी के लिए तय बताया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निर्भया के दोषियों को उसी दिन सजा दी जा सकती है जिस तारीख को उसके साथ घिनौना कृत्य किया गया था जिसमें उसकी जान चली गई।

कहा जा रहा है कि निर्भया के दोषियों 16 दिसंबर को ही सुबह पांच बजे फांसी दी जा सकती है। हालांकि इस बात की पुष्टि अभी जेल प्रशासन ने नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि फांसी की तारीख लगभग तय है। तिहाड़ प्रशासन को सिर्फ जल्लाद मिलने की तलाश है। निर्भया से दुष्कर्म और हत्या के जुर्म में मौत की सजा पाए तिहाड़ में बंद दोषियों को फांसी के लिए अधिकारियों को जल्लाद नहीं मिल रहा है। सूत्रों ने बताया कि इसलिए अधिकारी जल्लाद की तलाश में देश की अन्य जेलों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के जेल अधिकारियों से इस बारे में अनौपचारिक बातचीत चल रही है।

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