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21 साल की आया को मौत के घाट उतार, कपल करते रहे शव के पास गंदा काम

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लंदन। ब्रिटेन की राजधानी लंदन से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। आप भी सोचेंगे कि कोई इंसान इतना नीचे कैसे गिर सकता है। यहां एक कपल ने अपनी 21 साल की आया की हत्या कर दी। आया की हत्या करने के बाद कपल ने उसकी डेड बॉडी के बगल में सेक्स भी किया। आरोपी महिला ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि हां हमने आया की हत्या करने के बाद उसकी बॉडी के बगल में सेक्स किया। हालांकि ऐसा करने के लिए मेरे पार्टनर ने मुझे मजबूर किया। बॉडी के बगल में सेक्स करते हुए मैं रो रही थी।

पुलिस ने सितंबर 2017 में आरोपी दंपती के गार्डन में बोनफायर पर 21 साल की फ्रेंच आया सोफी लायने की अधजली बॉडी बरामद की थी। इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी महिला सबरीना (35 साल) ने कहा था कि उसके पार्टनर ने पानी में डुबोकर आया की हत्या कर दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों ने सोफी की बॉडी को जलाने की कोशिश की स्वीकार की है।

इस मामले में आरोपी शख्स और महिला के पार्टनर का नाम उइसेम है। पुलिस के क्रॉस एग्जामिनेशन में महिला ने स्वीकार किया कि उसने अपने पार्टनर के निर्देश पर पुलिस से झूठ बोला था। महिला ने बताया कि सोफी की लाश पड़ी थी और उसके पार्टनर ने सेक्स की डिमांड की। महिला ने बताया कि यह उसके लिए काफी शॉकिंग और शर्मनाक था। वह मना नहीं कर सकी लेकिन रोती रही।

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इस देश के डॉक्टरों ने किया बड़ा दावा, अब कमजोर पड़ने लगा है कोरोना वायरस

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस दुनियाभर के लगभग 62 लाख लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इस खतरनाक बीमारी से मरने वालों की संख्या 3 लाख 71 हजार के पार चली गई है।

इस बीच इटली के टॉप डॉक्टर्स ने कोरोना को लेकर एक अच्छी खबर दी है। इस देश के डॉक्टर्स के दावे के मुताबिक  वायरस धीरे-धीरे अपनी क्षमता खो रहा है और अब उतना जानलेवा नहीं रह गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस अब कमजोर पड़ रहा है। जेनोआ के सैन मार्टिनो अस्पताल में संक्रामक रोग प्रमुख डॉक्टर मैट्टेओ बासेट्टी ने ये जानकारी न्यूज एजेंसी ANSA को दी।

डॉक्टर मैट्टेओ ने कहा, कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है. इस वायरस में अब वैसी क्षमता नहीं रह गई है जैसी दो महीने पहले थी। स्पष्ट रूप से इस समय की COVID-19 बीमारी अलग है।’

लोम्बार्डी के सैन राफेल अस्पताल के प्रमुख अल्बर्टो जांग्रिलो ने RAI टीवी को बताया,  ‘वास्तव में, वायरस क्लीनिकली रूप से अब इटली में मौजूद नहीं है। पिछले 10 दिनों में लिए गए स्वैब सैंपल से पता चलता है कि एक या दो महीने पहले की तुलना में अब इनमें वायरल लोड की मात्रा बहुत कम है।’

इटली में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है और COVID-19 से होने वाली सबसे ज्यादा मौतों में इटली तीसरे नंबर पर है। हालांकि मई महीने में यहां संक्रमण के नए मामलों और मौतों में तेजी से गिरावट आई है और यहां कई जगहों पर सख्त लॉकडाउन को खोला जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक मंत्री सैंड्रा जम्पा ने एक बयान में कहा, ‘कोरोना वायरस खत्म होने वाली बातों के लिए लंबित पड़े वैज्ञानिक प्रमाणों का सहारा लिया जा रहा है। मैं उन लोगों से कहती हूं कि इटली के लोगों को भ्रमित ना करें।’

सैंड्रा जम्पा ने कहा, ‘इसके बजाय हमें लोगों से अधिक सावधानी बरतने, फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, भीड़ में ना जानें, बार-बार हाथ धोने और मास्क पहनने के लिए कहना चाहिए।’

 

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