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अलवर, धौलपुर व भरतपुर जिलों में धूल भरी आंधी—तूफान में 31 मरे, 100 लोग घायल

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राजस्थान के अलवर, धौलपुर व भरतपुर जिलों में आए शक्तिशाली धूल भरी आंधी व तूफान से 31 लोगों की मौत हो गई और 100 लोग घायल हो गए। राज्य में बुधवार की रात आए तूफान में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली जिससे पेड़ गिर गए, टेलीफोन सेवा, बिजली व जल की आपूर्ति प्रभावित हुई और घरों को नुकसान पहुंचा है।

राज्य आपदा प्रबंधन मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने यहां एक आपातकालीन बैठक बुलाई और भरतपुर में 16 लोगों व धौलपुर में 10 व अलवर में पांच लोगों की मौत की पुष्टि की। कटारिया ने कहा कि पहली बार राज्य में तूफान को प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में शामिल किया गया है और प्रत्येक जिले के लिए 2.5 करोड़ की राशि मंजूर की गई है।

अधिकारियों ने कहा कि अलवर, झुंझुनू व बीकानेर में नुकसान के स्तर की अभी सटीक जानकारी नहीं मिली है।

भरतपुर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ओ.पी.जैन ने कहा, “हम घायलों को चिकित्सकीय सहायता देने के लिए सभी तरह के प्रयास सुनिश्चित कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमने सेवा बहाली के कार्य को प्राथमिकता दी है जिससे पेयजल व बिजली की आपूर्ति बहाल हो जाए।”

धौलपुर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट हरफूल यादव ने कहा कि जिले में 10 लोगों की मौत तूफान से हुई है। उन्होंने कहा, “बीती रात से त्वरित प्रतिक्रिया दल को तैनात किया गया है।”

अलवर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बचावकर्ता अभी भी लोगों के पास पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कि नुकसान के स्तर का ठीक-ठीक पता चल सके। चूंकि फोन से संपर्क टूट चुका है, इससे आंतरिक भागों में संपर्क में दिक्कत हो रही है।

हरफूल यादव ने कहा कि अपने घर के आग में तबाह हो जाने से लेबदापुरा बसेड़ी में 200 लोग बिना आश्रय के फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई बिजली के खंभे गिर गए है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। पेड़ों व बिजली के खंभों के गिरने से सबसे ज्यादा दुर्घटना हुई है, जिससे करीब 100 लोग घायल हो गए हैं। भरतपुर व अलवर में रात भर बिजली नहीं रही।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने अधिकारियों से गुरुवार को घायलों की मदद करने के लिए कहा।

उन्होंने ट्वीट किया, “अलवर, भरतपुर व धौलपुर में तूफान से हुए नुकसान से दुखी हूं। मैंने सभी जिलों के अधिकारियों से सभी घायलों के इलाज के लिए हर संभव मदद सुनिश्चित करने के लिए कहा है। मृतकों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को आपदा को देखते हुए अपने जन्मदिन का कार्यक्रम रोक दिया। मौसम विभाग ने कहा है कि तूफान की स्थिति शनिवार तक जारी रहेगी। झुंझुनू, जयपुर व सीकर में गुरुवार को तूफान आ सकता है।

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69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती पर हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 69 हजार सहायक शिक्षकों के पदों पर एक बार फिर से रोक लग गई है। हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर बुधवार को अंतरिम रोक लगा दी।

दरअसल, उच्च न्यायालय में सहायक शिक्षकों के घोषित रिजल्ट में कुछ प्रश्नों की सत्यता पर सवाल उठाए थे जिसपर सुनवाई करते हुए अदालत ने रोक लगा दी है।

जस्टिस आलोक माथुर ने विवादित सवालों पर विशेषज्ञ समिति को अगली तारीख तक तटस्थ राय देने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। इससे पहले हाई कोर्ट ने 1 जून को अपना आदेश सुरक्षित किया था, जिसे आज सुनाया गया।

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को विवादित प्रश्नों पर अपनी आपत्ति एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को यूपी सरकार यूजीसी को भेजेगी और यूजीसी आपत्तियों का निस्तारण करेगी।

गौरतलब है कि सरकार नियुक्तियां पूरी करने में बहुत तत्परता दिखा रही थी। सरकार का मानना था कि इस कोरोना काल मे जल्द नियुक्तियां होने पर अनेकों अभ्यार्थियों को बहुत राहत मिलेगी।

याचियों के वरिष्ठ अधिवक्ता एच जी एस परिहार व मीनाक्षी परिहार के मुताबिक कोर्ट ने विवादित सवालों को यूजीसी की विशेषज्ञों समिति को भेजकर रिपोर्ट मांगी है।

अभ्यर्थियों की ढाई दर्जन याचिकाओं पर जस्टिस आलोक माथुर ने आज अहम आदेश दिया है। याचिका में छह विवादित प्रश्नों के जवाब को चुनौती दी गई थी।

 

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