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किसानों के लिए बड़ी खबर : आंधी-पानी में खराब हुई फसलें खरीदेगा मेगा फूड पार्क

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उत्तराखंड में फल और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को आने वाले सीज़न में बड़ी राहत मिल सकती है। काशीपुर में हिमालयन फूड पार्क प्राईवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा हाल ही में खोला गया मेगाफूड पार्क किसानों से आंधी या विपरीत मौसम के कारण खराब हुुए फल और सब्जियों को भी खरीदेगा।
आजकीखबर से की गई खास बातचीत में हिमालयन फूड पार्क प्राईवेट लिमिटेड के जर्नल मैनेजर संदीप अग्रवाल ने बताया,” मेगाफूड पार्क के साथ-साथ हमने उत्तराखंड के किसानों को उनके गांव के नज़दीक ही अपनी फल-सब्जियां बेचने की व्यवस्था की है। इसके लिए हमने राम नगर, रामगढ़ और कालाडुंगी में तीन प्राइमरी प्रोसेसिंग केंद्र (पीपीसी) भी खोले हैं, जहां किसानों से हर तरीके का फल व सब्जियों को खरीदा जा सकेगा।” उन्होंने आगे बताया कि उत्तराखंड में आंधी-तूफान आने के कारण किसानों की उपज में काफी नुकसान होता था, लेकिन हम अपने पीपीसी कलेक्शन सेंटर्स में किसानों से वो फल-सब्जियां भी खरीदी जाएंगी, जो आंधी-तूफान में खराब हो जाती हैं।”

आंधी तूफान में खराब हो रही फसलें खरीदेगा मेगा फूड पार्क। ( फोटो – गूगल इमेज)

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने रविवार को उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित महुआखेरा गंज में उत्तराखंड के दूसरे मेगा फूड पार्क की शुरूआत की थी। इस मेगाफूड पार्क की मदद से प्रदेश के कई जिलों में किसानों को उनके खेतों के पास ही प्राइमरी प्रसंस्करण और भंडारण की भी सुविधाएं मिल पाएंगी। इस प्रोजेक्ट की बदौलत उत्तराखंड के करीब 25,000 किसानों को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है।
” हम अपने कलेक्शन सेंटर्स में हर तरीके के फल-सब्जियां किसानों से खरीदेंगे। किसान अपनी फसल को इन केंद्रों पर सुरक्षित रख सकेंगे। इस सीज़न में हमारा टारगेट यह रहेगा कि हम मेगाफूड पार्क की मदद से उत्तराखंड के आठ हज़ार से अधिक औद्यानिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को सुविधा पहुंचा पाएं।”
एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री (एसोचैम) की एग्री बिजनेस काउंसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक आम सहित कई फसलों की करीब 50 फीसदी अपज विपरीत मौसम के कारण हर वर्ष प्रभावित होती है। पिछले तीन वर्षों में मार्च माह से शुरू होने वाली बेमौसम तेज़ बारिश और हवाओं के कारण उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में उगाई जाने वाली फलों व सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में हिमालयन फूड पार्क प्राईवेट लिमिटेड का यह प्रयास होर्टिकल्चर संबंधित फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।

उत्तराखंड के हल्द्वानी क्षेत्र में बुधवार को आए तूफान से खराब हुई थी फसलें। (फोटो – एएनआई)

मेगा फूड पार्क की शुरूआत के मौके पर यह ऐलान हुआ है कि मेगा फूड पार्क की मदद से न केवल उधम सिंह नगर के किसान, बल्कि उधम सिंह नगर के निकटवर्ती जिलों नैनीताल, गढ़वाल, अल्मोड़ा और चंपावत के किसानों को भी लाभान्वित किया जाएगा।

मेगा फूड पार्क में किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं

– 1250 एमटी का बहुउद्देश्यीय कोल्ड स्टोरेज
– प्रति घंटे 7,500 पैक की कीटाणुहीन ब्रिक फिलिंग लाइन
– 6,000 एमटी का ड्राई वेयरहाउस
– टमाटर पेस्ट, सेब जूस, गाजर, फलों के गूदे की प्रोसेसिंग के लिए आधुनिक प्रसंस्करण लाइन

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Budget : मोदी सरकार किसानों के खाते में हर साल जमा करेगी 6000 रुपए, गो सेवा का भी मिलेगा पैसा

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वित्त मंत्री पीयूष गोयल सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी बजट पेश कर रहे हैं। यह एक अंतरिम बजट है। बजट में पीयूष गोयल ने कई अहम घोषणाएं की हैं। इन योजनाओं में किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी भी सुनने को मिली।

बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने  कहा, ” प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत छोटे किसान जिनके पास 2 हेक्टेयर जमीन है, उनके बैंक खाते में सीधे 6000 रुपए सालाना देने का निर्णय किया है।” 

उन्होंने आगे कहा कि ये राशि 3 किश्तों में 2,000 रुपए कर के किसानों के बैंक खाते में सीधे डाली जाएंगी। इस सुविधा से 12 करोड़ किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। पहली किश्त बहुत जल्द भेजी जाएगी। ये योजना एक दिसंबर 2018 से लागू हो गई है। 

पीयूष गोयल ने कहा  कि गायों के लिए ‘राष्ट्रीय कामधेनु योजना’ को मंजूरी, छोटे किसानों को 500 रुपए दिए जाएंगे। गौ माता के लिए सरकार कभी पीछे नहीं हटेगी, जो जरूरत होगी वो प्रावधान करेगी। 

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