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इटैलियन ब्रांड वरसेक और यूनिटी ग्रुप दिल्ली में बनाएंगे रिहाइशी टावर

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नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)| इटैलियन ब्रांड लक्जरी ब्रांड जियानी वरसेक एस.पी.ए. और रियल ऐस्टेट डैवलपर यूनिटी ग्रुप ने नई दिल्ली की स्काईलाइन को बदलने के लिए एक साझेदारी की है। इसके तहत केंद्रीय दिल्ली में 40 एकड़ क्षेत्रफल में एक शानदार रिहाइशी टावर विकसित किया जाएगा जिसका नाम होगा ‘द अमारिलिस’। यूनिटी ग्रुप की ओर से यह प्रीमियम रिहाइशी प्रोजेक्ट होगा जिसमें खूबसूरत परिवेश के संग एक संपूर्ण, आरामदायक और लक्जरी रहन-सहन प्रदान किया जाएगा। ये ब्रांडेड लक्जरी टावर दिल्ली शहर में सबसे ऊंचे होंगे और इसकी भीतरी साज-सज्जा वरसेक होम द्वारा रची जाएगी।

इस भागीदारी पर यूनिटी ग्रुप के निदेशक हर्ष वर्धन बंसल ने कहा, हम द अमारिलिस को इस नजरिए से विकसित कर रहे हैं कि शहर में सही मायनों में लक्जरी रहन-सहन मुहैया कराया जाए। वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाला वरसेक लक्जरी का प्रतिमान है तथा बेहतरीन कारीगरी एवं उम्दा इंटीरियर में उनकी महारत से हमें मदद मिलेगी कि हम दिल्ली में उत्कृष्ट जीवनशैली युक्त रिहाइश की रचना कर सकें।

ये ब्रांडेड लक्जरी अपार्टमेंट विशिष्ट सुविधाओं की रेंज पेश करेंगे जिनमें वह सब कुछ होगा जिसके लिए वरसेक को पहचाना जाता है- उम्दा क्वालिटी, आधुनिक डिजाइन और इन्नोवेशन- और यह सब होगा अत्याधुनिक सुविधाओं एवं बेमिसाल शैली के संयोजन से। डॉनाटेला वरसेक के कलात्मक निर्देशन में विकसित ये अपार्टमेंट उम्दा इंटीरियर युक्त होंगे जिन्हें आला दर्जे की इटैलियन कारीगरी के साथ रचा गया है और इसका आधुनिक स्वरूप निश्चित रूप से वरसेक ही होगा।

जियानी वरसेक एस.पी.ए. के सीईओ जोनाथन एकेरॉयड ने कहा, इंटीरियर डिजाइन वरसेक की दुनिया को अभिव्यक्त करने का एक अलग तरीका है, हमारा ब्रांड जिस खासियत के लिए जाना जाता है उसके द्वारा यह जीवनशैली का एक खास नजरिया पेश करता है। यूनिटी ग्रुप के साथ आगे बढ़ते हुए हम आश्वस्त हैं, क्योंकि आला दर्जे के लक्जरी रियल ऐस्टेट व रहन-सहन प्रदान करने में ये खुद को साबित कर चुके हैं। वरसेक का लक्ष्य बेमिसाल क्वालिटी प्रदान करना और अपने गौरव के मुताबिक काम करना है जिसके लिए यह ब्रांड विशिष्ट व त्रुटिहीन इंटीरियर डिजाइन की कला में महारत हासिल कर चुका है।

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फटाफट आराम देने वाली सेरिडॉन, विक्स ऐक्शन 500 जैसी 328 दवाओं को सरकार ने किया बैन

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हमारे समाज में कुछ लोग बिना डॉक्टरी की डिग्री लिए ही डॉक्टर हैं। हम ऐसा इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि हम लोगों को तबीयत जरा सी नासाज लगती हैं वैसे ही फटाफट आराम पाने के लिए दवा खुद से खरीद लेते हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार ने आसानी से सेरिडॉन, विक्स एक्शन 500, सुमो और डिकोल्ड जैसी करीब 328 दवाएं पर बैन लगा दिया हैं। रोक के बाद इन दवाओं को अब देश में बनाया या बेचा नहीं जा सकेगा।

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मंत्रालय की ओर से जिन दवाओं पर रोक लगायी गयी है, उनमें सेरिडॉन, विक्स एक्शन 500, कोरेक्स, सुमो, जीरोडॉल, फेंसिडील, जिंटाप, डिकोल्ड और कई तरह के एंटीबायॉटिक्स, दर्द निवारक दवाएं, मधुमेह और हृदय रोगियों की दवाएं शामिल हैं। कयास लगाया जा रहा है कि सरकार इस प्रकार की करीब पांच सौ और दवाओं की बिक्री, वितरण और उत्पादन पर रोक लगा सकती है।

इन देशों में हैं बैन – अमेरिका, जापान, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के साथ ही कई देशों में एफडीसी पर रोक है। लेकिन भारत के साथ ही कई विकाससील देशों में ये बिकती हैं। देश में महज पुडुचेरी एक ऐसा राज्य है, जिसने एफडीसी पर रोक लगा दी है।

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करोड़ो में हैं ये बिजनेस – सरकार ने जिन 328 एफडीसी पर बैन लगाया है उनका देश के संगठित दवा क्षेत्र में कुल कारोबार करीब 3800 करोड़ रुपए  का है। यह भारत के फार्मा सेक्टर के कुल कारोबार का करीब 3 प्रतिशत है। सरकार के फैसले के बाद कोरेक्स पर रोक से फाइजर के 308 करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ेगा। वहीं एबॉट के 480, मैकलॉड्स के 367, पैनडेम के 214, सुमो के 79 और जीरोडॉल के 72 करोड़ रुपए के कारोबार पर असर होगा।

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