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मनोरंजन

कभी रुलाएगी तो कभी हंसाएगी यह ‘हिचकी’, देखना मत भूलें मूवी

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बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की फिल्म ‘हिचकी’ शुक्रवार को रिलीज हो गई है। फिल्म कई दिल में उतर जाने वाले इमोशनल सीन्स से भरी हुई है, जो आपको रुलाने के साथ-साथ हंसाएंगे भी।

‘बुरे स्टूडेंट नहीं.. सिर्फ बुरे टीचर्स होते हैं’ ये बात नैना माथुर का किरदार निभा रहीं रानी मुखर्जी अपने साथी टीचर को कहती हैं। फिल्म ‘हिचकी’ का यह सीन ऑडिएंस को इमोशनल कर देने के लिए काफी है।

फिल्म में रानी मुखर्जी टीचर नैना माथुर का किरदार निभा रहीं हैं, जो टॉरेट सिंड्रोम से पीडि़त है, जिस वजह से उसे बार-बार हिचकी आती है। वह टीचिंग में अपना करियर बनाना चाहती हैं। काफी मुश्किलों के बाद एक स्कूल में उनको टीचर के रूप में रखा जाता है। लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि उस क्लास के 14 बच्चे बहुत ही शरारती हैं और उनकी वजह से कोई भी टीचर ज्यादा दिनों तक उस स्कूल में टिक नहीं पाता।

फिल्म पूरी तरह से रानी मुखर्जी पर केंद्रित है। रानी से इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया भी है। उन्होंने अपने इस किरदार को भरपूर जिया है। बतौर टीचर रानी ने स्टूडेंट्स के साथ बॉन्डिंग को बखूबी पर्दे पर पेश किया है।

कहानी में कई ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं, जिसमें एक पल ऐसा भी आता है जब नैना स्कूल छोडऩे का मन भी बना लेती है। अब क्या नैना स्कूल छोडक़र चली जाएगी या बच्चे सुधर जाएंगे? आखिर में रिजल्ट क्या आता है यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

बता दें कि इस फिल्म के जरिए रानी मुखर्जी 4 साल बाद फिल्मों में वापसी की है। डायरेक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा ने साल 2010 में फिल्म ‘वी आर फैमिली’ डायरेक्ट की थी। उसके बाद अब लगभग 8 साल बाद सिद्धार्थ के डायरेक्शन में फिल्म हिचकी रिलीज हुई है।

प्रादेशिक

हाथरस के दरिंदों को सार्वजनिक रूप से गोली मारो: कंगना रनौत

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मुंबई। उत्तर प्रदेश के हाथरस में दुष्कर्म का शिकार युवती का दिल्ली में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत होने से पूरा देश गुस्से में है। सभी आरोपियों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर जल्द से जल्द फांसी देने की मांग कर रहे हैं। जहां प्रदेश में सभी विपक्ष दलों ने मामले को लेकर योगी सरकार पर जमकर हमला बोला है, वहीं इस मामले में एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया है.

अभिनेत्री कंगना ने ट्वीट किया, ”इन दुष्कर्मियों को सार्वजनिक रूप से गोली मार देनी चाहिए। इन सामूहिक दुष्कर्मों का क्या समाधान है, जिनकी संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है। यह इस देश के लिए कितना दुखद और शर्मनाक दिन है। हम शर्मिंदा हैं क्योंकि हम अपनी बेटियों की सुरक्षा करने में विफल रहे।

दिल्ली के अस्पताल में हुई मौत

बता दें कि हाथरस में गैंगरेप की शिकार 19 वर्षीय दलित युवती की मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई। चार लोगों ने कुछ दिन पहले उसके साथ गैंगरेप किया था। गैंगरेप के बाद दलित बिटिया की जुबान काटी गई और भयानक जख्म दिए गए थे। 14 सितंबर को, पीड़िता के गर्दन में पड़े दुपट्टे से एक खेत में उसे खींचा गया, जब वह पशुओं का चारा लेने गई थी, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई। जब उसका गला घोंटने की कोशिश की गई तो उसने अपनी जीभ को दांतों से जोर से काटा जिससे जीभ पर गहरा जख्म हो गया।

अलीगढ़ अस्पताल में न्यूरोसर्जरी के प्रमुख फखरुल होदा ने कहा कि उसकी रीढ़ को ठीक करने के लिए सर्जरी केवल उसकी स्थिति में सुधार के बाद ही की जा सकती थी। रीढ़ की हड्डी को नुकसान स्थायी रूप से दिखाई दिया। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी पीड़िता कुछ समय के लिए लाइफ सपोर्ट पर भी रखी गई। पिता के कहने पर लड़की को सोमवार को दिल्ली रेफर किया गया था। उसका भाई उसे दिल्ली ले गया। अस्पताल में भर्ती होने के एक हफ्ते बाद, लड़की ने पुलिस को बताया कि उसके साथ चार लोगों ने दुष्कर्म किया था, जिसका नाम भी उसने बताया था। सभी चार आरोपियों के नाम संदीप, रामू, लवकुश और रवि हैं, जिन्हें दुष्कर्म, हत्या के प्रयास और एससी / एसटी अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।

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