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बिहार में जंगली हाथी ने 4 को कुचला

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सीतामढ़ी | बिहार के सीतामढ़ी जिले में पड़ोसी देश नेपाल से भटक कर आए एक जंगली हाथी का उत्पात लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान हाथी ने चार लोगों को कुचलकर मार डाला, जबकि तीन लोगों को घायल कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि नेपाल के तराई क्षेत्र से भटक कर आए एक जंगली हाथी ने परिहार, सुरसंड और बाजपट्टी क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया।

हाथी द्वारा रौंद दिए जाने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में बाजपट्टी थाना का पुलिस जीप चालक हुलास राय भी शामिल है। हाथी ने कम से कम आठ घरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। सीतामढ़ी क्षेत्र के वन अधिकारी शशि शेखर ने बताया कि हाथी को पकड़ने के लिए वन अधिकारियों का दल प्रभावित क्षेत्रों में है। पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान से भी विशेषज्ञों के एक दल को बुलाया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक हाथी को बुधवार सुबह मुजफ्फरपुर की सीमा के गांवों में देखा गया है। हाथी के उत्पात से गांव वाले दहशत में हैं।

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साक्षी मिश्रा ने बरेली में कराया शादी का रजिस्ट्रेशन, बन गई साक्षी नायक

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लखनऊ। पिछले महीने भागकर शादी करने और उसके बाद की घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहे साक्षी मिश्रा और अजितेश चुपचाप बरेली लौट आए और यहां अपने विवाह का पंजीकरण कराया। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच बरेली लौटे दंपति रजिस्ट्रार कार्यालय गए और वहां उन्होंने अपनी शादी का पंजीकरण कराया। इस जोड़े ने पहले ही प्रयागराज के एक मंदिर में शादी कर ली थी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा विवाह को वैध ठहराया गया था।

भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा ने एक दलित लड़के अजितेश से तीन जुलाई को भागकर शादी कर ली थी। इस जोड़े ने बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने साक्षी के पिता और भाई से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था।

इस मामले ने बड़ा तूल तब पकड़ा जब यह दंपति नोएडा में एक टीवी स्टूडियो में दिखाई दिए गए, जहां उन्होंने जाति के कारण साक्षी के परिवार द्वारा शादी अस्वीकार करने का आरोप लगाया था। बाद में यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंच गया, जिसने राज्य सरकार को दंपति को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया और उनकी शादी को वैध भी ठहराया।

इस जोड़े ने अपनी शादी के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जब वे अदालत में पेश हुए, तो सुरक्षाकर्मियों ने मीडिया को बाहर ही रोक दिया था। इस बीच साक्षी और उसके पति ने मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर दावा किया था कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालकर लड़की के पिता और ससुराल वालों की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

साक्षी के करीबी एक सूत्र ने बताया कि भले ही उनकी शादी को कोर्ट ने वैध ठहरा दिया हो, लेकिन वे ‘सभी संदेहों को दूर करने’ के लिए शादी का पंजीकरण कराना चाहते थे। पति-पत्नी दिल्ली लौट गए हैं।

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