Connect with us

नेशनल

मणिशंकर ने विवादों को हवा दी, बोले- अफजल संग नाइंसाफी हुई

Published

on

Manishankar-aiyar-afzal-guru

नई दिल्ली। संसद हमले के साजिशकर्ता अफजल गुरु के शव के अवशेषों की मांग को लेकर राजनीति गर्मा गई है। पीडीपी विधायकों की इस मांग के बाद अब कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद मणिशंकर अय्यर ने इसका समर्थन कर आग में घी डालने का काम किया है। फिलहाल ऐसा करते समय वह यह भूल गए कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में जब 9 फरवरी 2013 को अफजल गुरु को फांसी पर चढ़ाया गया, तब देश में कांग्रेसनीत संप्रग का ही शासनकाल था। अफजल के मृत शरीर पर अलगाववादी राजनीति को रोकने के लिए शव जेल के अंदर ही दफनाया गया था।

इस विवाद की शुरुआत जम्मू-कश्मीर में पीडीपी संरक्षक और मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान से हुई थी। उन्होंने 1 मार्च को अपने शपथग्रहण समारोह में कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पाकिस्तान और आतंकवादियों की सराहना की थी। उनके विवादास्पद बयान से उत्साहित पीडीपी के 8 विधायकों ने अगले ही दिन अफजल गुरु के शव को सौंपे जाने की मांग की थी। अब इस कड़ी में नया नाम कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का जुड़ गया।

मंगलवार को संसद भवन पहुंचे मणिशंकर अय्यर ने कहा कि अफजल के साथ नाइंसाफी हुई थी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि अफजल गुरु के खि‍लाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे। उन्होंने कहा कि जो हो गया उसे बदला तो नहीं जा सकता है, लेकिन अफजल के अवशेष को उसके परिवार को सौंपकर गलती सुधारी जा सकती है। अय्यर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शि‍वसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अफजल को फांसी दी गई, क्योंकि वह राष्ट्र विरोधी था। राउत ने कहा कि अफजल को सुप्रीम कोर्ट और कानून ने सजा दी। अगर मणि‍शंकर अय्यर को लगता है कि अफजल के साथ नाइंसाफी हुई थी, तो उन्हें यह बयान पाकिस्तान में जाकर देना चाहिए यहां नहीं।

अन्तर्राष्ट्रीय

कांपते हुए कुरैशी ने कहा था- 9 बजे भारत हम पर हमला कर देगा, डर के मारे पाकिस्तान ने अभिनंदन को किया था रिहा

Published

on

नई दिल्ली। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत में घुसने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी एफ 16 को भारतीय पायलट अभिनंदन ने अपने मिग विमान से मार गिराया था। हालांकि इस कार्रवाई में अभिनंदन का विमान पाकिस्तानी सीमा में क्रैश कर गया था जिसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय पायलट को बंदी बना लिया था। हालांकि भारत सरकार के दबाव में पाकिस्तान को उन्हें कुछ ही घंटों के अंदर भारत वापस भेजना पड़ा।

अभिनंदन को भारत वापस भेजने के पीछे पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने इलाके में शांति की दुहाई दी थी, जो पूरी दुनिया के किसी भी शांति प्रिय देश को रास नहीं आई थी। अब पाकिस्तान के एक बड़े नेता सरदार अयाज सादिक ने जो खुलासा किया है उसने दुनिया को बता दिया है कि भारत जैसे शक्तिशाली देश के आगे पाकिस्तान क्या औकात रखता है।

उन्होंने पाकिस्तानी संसद में बताया कि अभिनंदन को भारत को सौंपने से पहले पाकिस्तानी सरकार में हड़कंप मचा हुआ था। अभिनंदन को छोड़ जाने से पहले एक मीटिंग में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के पैर कांप रहे थे। उन्होंने कहा, “मझे याद है शाह महमूद कुरैशी साहब उस मीटिंग में थे जिसमें आने से वजीर-ए-आलम ने इंकार कर दिया, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ तशरीफ लाए। पैर कांप रहे थे, पसीने माथे पर थे और हमसे शाह महमूद साहब ने कहा, फॉरेन मिनिस्टर साहब ने, कि खुदा का वास्ता अब इसको वापस जाने दें, क्योंकि 9 बजे रात को हिंदुस्तान पाकिस्तान पर अटैक कर रहा है।”

पाकिस्तानी नेता के इस खुलासे के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी लोग जमकर चर्चा कर रहे हैं। आपको बता दें कि बालाकोट स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अपने एयर स्पेस में विमानों की मूवमेंट को पूरी तरह से रोक दिया था, जानकारों ने कहना है कि इसके पीछे भी इमरान सरकार को भारतीय वायुसेना के हवाई हमले का डर था।

Continue Reading

Trending