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बीएसएफ जवान पर हुई कार्रवाई से नाराज हुए पीएम, वापस लिया गया आदेश

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के साथ ‘माननीय’ और ‘श्री’ न लगाने के चलते बीएसएफ के जवान का वेतन कटने की घटना पर पीएम मोदी ने आपत्ति जताई है। पीएम मोदी ने इस आदेश को तुरंत वापस लेने के निर्देश दिए हैं।

आरोप है कि बीएसएफ सिपाही संजीव कुमार ने 21 फरवरी को जीरो परेड के दौरान ‘मोदी कार्यक्रम’ शब्द का इस्तेमाल किया था। संजीव ने मॉर्निंग जीरो परेड (इसमें आला अफसरों को अपने ऑफिशियल प्रोग्राम की जानकारी देनी होती है) में श्री या माननीय के बगैर ‘मोदी कार्यक्रम’ कह दिया था। इसके बाद कमांडिंग ऑफिसर अनूप लाल भगत ने इसे पीएम का अनादर मानते हुए उन्हें दोषी ठहराया।

कमांडिंग ऑफिसर भगत की ओर से बीएसएफ जवान संजीव कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें बीएसएफ एक्ट की धारा 40 के तहत दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद जवान की सात दिन की सैलेरी काट ली गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में सेना के कुछ अधिकारियों ने इसे थोड़ी सख्त और गैर जरूरी सजा बताया। अधिकारियों का कहना है कि यह ऑफ द रिकॉर्ड बातचीत है जिसे बिना किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निपटाया जा सकता था।

बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने इस बात पर अप्रसन्नता जाहिर की और बल को निर्देश दिया कि वह दंड को तत्काल वापस ले। आदेश को रद्द कर दिया गया और मामले से विवेकपूर्ण तरीके से नहीं निबटने के लिए संबद्ध कमांडेंट को आगाह किया गया।’’

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सावरकर पर दिग्विजय सिंह ने दिया बड़ा बयान, कहा-हम उनका सम्मान करते हैं लेकिन….

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नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में वीर सावरकर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘भारत बचाओ’ रैली में राहुल गांधी के सावरकर पर की गई टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक उथल पुथल देखने को मिल रही है।

जहां एक ओर शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राहुल गांधी के इस बयान के बाद उन पर लगातार निशाना साध रहे हैं वहीं कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के बचाव में उतर आई है। इस बीच दिग्विजय सिंह ने भी सावरकर को लेकर बड़ा बयान दिया है।

एक टीवी चैनल से की गई खास बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम सावरकर का सम्मान करते हैं। बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं इतना ही कह सकता हूं कि दामोदर राव सावरकर के जीवन के दो पहलू हैं। एक वो है जब ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए उन्हें सज़ा हुई और कालापानी भेजा गया।

दिग्विजय सिंह ने कहा, सावरकर के जीवन का दूसरा पहलू माफी लिखकर जेल से निकलने का है। माफी मांग कर जेल से निकलने के बाद उन्होंने अपने पूरे समय पूरे देश में ब्रिटिश हुकूमत की बांटो और राज करो की नीति को ही आगे बढ़ाया। इसलिए दोनों ही पहलू उनके जीवन में रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मैं कहता हूं, जो भी व्यक्ति देश के लिए लड़ा है, हम उसका सम्मान तो करते हैं, लेकिन माफी मांगना एक अलग इतिहास है।’

 

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