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हाथी ने बुजुर्ग को कुचलकर उतारा मौत के घाट, वीडियो आया सामने

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बैंगलोर। कर्नाटक के कोलार जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक जंगली हाथी ने 55 साल के बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें हाथी बुजुर्ग को पैरों तले रौंदते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन हाथी के गुस्से के आगे किसी की हिम्मत नहीं हुई कि वह बुजुर्ग की मदद कर सके।

घटना कोलार के मलीदा गांव की है। यहां चार हाथियों का झुंड घुस आया। लोगों ने शोर मचाकर और पटाखे फोड़कर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन इस बार इंसानी हरकत ने हाथियों को गुस्से से भर दिया। पटाखे और लोगों के शोर से हाथी इधर उधर भगाए लगे। इनमे से एक हाथी नदी के अंदर चला जाता है। तभी शोर मचाते लोगों में से एक शख्स नदी में उतरकर हाथी को भगाने लगता है।

इसी बात से हाथी गुस्से में आ जाता है और नदी में उतरे शख्स की ओर आगे बढ़ता है। ख़तरा भांपकर नदी में उतरा शख्स भी तुरंत बाहर निकलता है लेकिन हाथी उसका पीछा करते हुए उसे अपने पैरों से रौंद डालता है। उसकी मौके पर ही मौत हो जाती है।

उधर, हाथियों के तांडव से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीण मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

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साक्षी मिश्रा ने बरेली में कराया शादी का रजिस्ट्रेशन, बन गई साक्षी नायक

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लखनऊ। पिछले महीने भागकर शादी करने और उसके बाद की घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहे साक्षी मिश्रा और अजितेश चुपचाप बरेली लौट आए और यहां अपने विवाह का पंजीकरण कराया। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच बरेली लौटे दंपति रजिस्ट्रार कार्यालय गए और वहां उन्होंने अपनी शादी का पंजीकरण कराया। इस जोड़े ने पहले ही प्रयागराज के एक मंदिर में शादी कर ली थी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा विवाह को वैध ठहराया गया था।

भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा ने एक दलित लड़के अजितेश से तीन जुलाई को भागकर शादी कर ली थी। इस जोड़े ने बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने साक्षी के पिता और भाई से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था।

इस मामले ने बड़ा तूल तब पकड़ा जब यह दंपति नोएडा में एक टीवी स्टूडियो में दिखाई दिए गए, जहां उन्होंने जाति के कारण साक्षी के परिवार द्वारा शादी अस्वीकार करने का आरोप लगाया था। बाद में यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंच गया, जिसने राज्य सरकार को दंपति को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया और उनकी शादी को वैध भी ठहराया।

इस जोड़े ने अपनी शादी के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जब वे अदालत में पेश हुए, तो सुरक्षाकर्मियों ने मीडिया को बाहर ही रोक दिया था। इस बीच साक्षी और उसके पति ने मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर दावा किया था कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालकर लड़की के पिता और ससुराल वालों की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

साक्षी के करीबी एक सूत्र ने बताया कि भले ही उनकी शादी को कोर्ट ने वैध ठहरा दिया हो, लेकिन वे ‘सभी संदेहों को दूर करने’ के लिए शादी का पंजीकरण कराना चाहते थे। पति-पत्नी दिल्ली लौट गए हैं।

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