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तेजस्वी यादव बन गए ‘संत’ पर नाराज है नीतीश कुमार की पार्टी

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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा सोशल साइट पर संत रविदास की तस्वीर से ऊपर अपनी तस्वीर लगाए जाने पर जनता दल (युनाइटेड) ने तंज कसा है। जद (यू) ने कहा कि आप अपनी पारिवारिक राजनीतिक पार्टी राजद के सर्वेसर्वा भले ही बन गए हों परंतु किसी परमज्ञानी, संत, सामाजिक परिवर्तन के महानायक संत से आप ऊपर नहीं हो सकते।

जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने बुधवार को कहा कि बड़ा बनने के लिए त्याग और सेवा भाव की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि राजद के नेता प्रारंभ से ही दलित जातियों के रहनुमा बनने का पाखंड करते रहे हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। आज एक बार फिर यह साबित हो गया है।

उन्होंने कहा कि जब दलित समुदाय से आने वाले संत का तेजस्वी के मन में आदर नहीं है, तो आज के दलितों के लिए उनके मन में समर्पण और सेवा का भाव कहां से आएगा? उन्होंने कहा कि संत रविदास जी से ऊपर अपनी तस्वीर लगाना एक संत पुरुष का अपमान है।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को संत सतगुरु रविदास की जयंती के मौके पर तेजस्वी ने सोशल मीडिया के द्वारा लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। इस पोस्ट में संत रविदास की एक तस्वीर भी पोस्ट की गई, जिसके ऊपर उन्होंने (तेजस्वी) ने खुद अपनी तस्वीर लगाई है।

तेजस्वी को ‘दागी’ बताते हुए नीरज ने कटाक्ष करते हुए कहा, “यह आपकी गलती नहीं हैं। यह तो आपके संस्कार में है। आपकी बहन और भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी सांसद मीसा भारती जी ने भी कुछ दिन पहले स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती के मौके पर इसी तरह अपमान किया था।”

जद (यू) नेता ने कहा कि वैसे तेजस्वी से त्याग करने की आशा रखना ही बेकार है क्योंकि उनके परिवार में तो खुद ही संपत्ति जमा करने की प्रतियोगिता चल रही है, जिस कारण परिवार के अधिकांश लोगों को अदालत का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

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बीजेपी सांसद का दावा, संस्कृत बोलने से कम होता है इन दो जानलेवा बीमारियों का खतरा

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद गणेश सिंह अपने अजीबोगरीब बयान की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। गुरुवार को बीजेपी सांसद ने दावा किया कि अमेरिका के एक शिक्षण संस्थान के शोध के अनुसार रोजाना संस्कृत भाषा बोलने से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है और मधुमेह तथा कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

संस्कृत विश्वविद्यालयों के बिल पर एक बहस में भाग लेने के दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक शोध के अनुसार अगर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग संस्कृत में की जाए, तो यह अधिक सुगम हो जाएगी।

सिंह ने कहा कि दुनिया की 97 फीसदी से ज्यादा भाषाएं संस्कृत पर आधारित हैं। इनमें कुछ इस्लामिक भाषाएं भी शामिल हैं। बिल पर संस्कृत में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि भाषा बहुत लचीली है और एक वाक्य को कई तरीकों से बोला जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न अंग्रेजी शब्द जैसे कि भाई और गाय संस्कृत से लिए गए हैं। सारंगी ने कहा कि इस प्राचीन भाषा के प्रचार से किसी अन्य भाषा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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