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मप्र में हर रोज आत्महत्या करते हैं 3 से ज्याादा किसान

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भोपाल | लगातार तीसरी बार कृषि कर्मण पुरस्कार जीतने वाले राज्य मध्यप्रदेश मंे हर रोज तीन से ज्यादा किसान खुद को खत्म कर लेते हैं। राज्य के गृहमंत्री बाबू लाल गौर ने सोमवार को बताया कि दो साल के भीतर 2276 किसानों ने आत्महत्या की है। सुशासन वाले राज्य के गृहमंत्री को इसका समाधान योग केंद्र खोलने में दिखता है। उन्होंने किसान आत्महत्या रोकने के लिए योग केंद्र खोलने का भरोसा दिलाया है। वह योग केंद्र के लिए हालांकि केंद्र सरकार के भरोसे हैं।

विधानसभा में कांग्रेस विधायक मुकेश नायक द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में गृहमंत्री बाबू लाल गौर ने सोमवार को बताया कि बीते दो वर्षो में राज्य में कुल 2276 किसानों ने आत्महत्या की है। गृहमंत्री आत्महत्या के मुख्य कारण बीमारी, नशे की लत व पारिवारिक कलेश को मानते हैं। गृहमंत्री द्वारा जारी किए गए किसानों की आत्महत्या के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि हर रोज तीन से ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले जबलपुर में सामने आए हैं, जहां 302 किसानों ने आत्महत्या की है। इसी तरह झाबुआ में 203 किसानों ने मौत को गले लगाया है।

राज्य में इंदौर के अलावा नीमच, आगर, सिवनी, होशंगाबाद, रायसेन आदि जिलों में बीते दो वर्षो में एक भी किसान ने आत्महत्या नहीं की है। राजधानी भोपाल में सिर्फ दो किसानों ने आत्महत्या की है। कांग्रेस के विधायक रामनिवास रावत ने भी एक सवाल के जरिए आत्महत्या का मामला उठाया। उनका कहना था कि राज्य सरकार किसानों की आत्महत्या पर सरकारी योजनाएं तो गिना देती हैं, मगर आत्महत्या की संख्या मंे कमी नहीं आ रही है। गृहमंत्री गौर ने कहा कि सरकार आत्महत्या के मामले में गंभीर है। किसानों की आत्महत्या को रोकने के लिए सरकार द्वारा योग केंद्र शुरू किए जाएंगे।

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सीएम योगी ने मंत्रियों को बांटे मंत्रालय, खुद के पास रखे 37 विभाग

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद गुरुवार देर रात मंत्रियों को उनके विभाग आवंटित कर दिए। जानकारी के मुतबाकि सीएम योगी के अपने पास पास गृह व राजस्व सहित 37 विभाग रखे हैं।

इस बार मुख्यमंत्री ने विभागों का आवंटन बहुत सोच-समझकर किया है। जय प्रताप सिंह को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, जबकि अब तक इस विभाग को संभाल रहे सिद्घार्थनाथ सिंह को खादी मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पास लोक निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर तथा सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय रहेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के पास माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय रहेंगे।

केंद्र की तर्ज पर जल शक्ति विभाग का गठन किया गया है और यह महत्वपूर्ण विभाग डॉ. महेंद्र सिंह को सौंपा गया है। इसमें सिंचाई समेत जल से संबंधित सभी विभागों को शामिल किया गया है। वहीं, सुरेश राणा का गन्ना विकास विभाग उनके पास ही रखा गया है।

वित्त विभाग सुरेश खन्ना को सौंपा गया है, जबकि उनके नगर विकास को आशुतोष टंडन को दिया गया है। आशुतोष के पिता लालजी टंडन भी इस विभाग के मंत्री रह चुके हैं। सिद्घार्थनाथ सिंह और नंद्गोपाल गुप्ता नंदी के महत्वपूर्ण विभाग ले लिए गए हैं। चेतन चौहान से खेल मंत्रालय लेकर स्वतंत्र प्रभार के उपेंद्र तिवारी को दिया गया है।

इस बार मुख्यमंत्री ने कुछ राज्यमंत्रियों को विभाग न देकर अपने पास रखा है। दोनों उप मुख्यमंत्री के अलावा सूर्य प्रताप शाही, स्वामी प्रसाद मौर्य, सतीश महाना, रमापति शास्त्री और मुकुट बिहारी वर्मा के विभाग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इसके अलावा अनुपमा जायसवाल की जगह सतीश द्विवेदी को बेसिक शिक्षा का दायित्व दिया गया है।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुरुवार को गोरखपुर दौरे से वापस लौटने के बाद प्रस्तावित विभागों को मंजूरी दे दी। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागों को लेकर राज्यपाल से मंत्रणा की थी।

 

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