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‘रेड वाइन आपको सहज और सेक्सी महसूस कराता है’

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लंदन, 23 नवंबर (आईएएनएस)| किसी थकान भरे दिन के बाद आराम महसूस करना चाहते हैं, तो बेहतर है कि वाइन या बीयर का सेवन करें। जबकि स्पिरिट्स (कम अल्कोहल की मात्रा वाली ड्रिंक) का सेवन उस दिन करें, जिस दिन आप अधिक आत्मविश्वास या सेक्सी महसूस करना चाहते हैं। मादक पदार्थो का भावनाओं पर असर को लेकर किए गए अब तक के सबसे बड़े पैमाने पर किए गए एक अध्ययन के निष्कर्ष में यह बातें कही गई है।

इस अध्ययन में 18 से 34 साल की उम्र के करीब 30,000 वयस्क शामिल हुए।

इस अध्ययन में करीब 59 फीसदी प्रतिभागियों ने स्पिरिट्स जैसे वोदका, जिन, व्हिस्की और अन्य हार्ड अल्कोहल को पीने के बाद ऊर्जा, आत्मविश्वास महसूस करने की बात कही। वहीं, 10 में 4 प्रतिभागियों ने इन्हें पीने के बाद खुद को सेक्सी महसूस करने की बात कही।

यह अध्ययन बीएमजे ओपेन जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

हालांकि केवल 20 फीसदी प्रतिभागियों ने ही स्पिरिट्स ड्रिंक्स पीने के बाद आराम महसूस करने की बात कही।

मनोभावनों पर सबसे ज्यादा असर हार्ड ड्रिंक डालता है, जिसमें रेड वाइन (53 फीसदी) और उसके बाद बीयर (50 फीसदी) है।

स्पिरिट्स पीने से जहां मन से नकारात्मक भावनाएं अन्य मादक पदार्थ पीने की अपेक्षा अधिक दूर होती है। इसे पीने वाले करीब 30 फीसदी लोगों ने कहा कि इससे आक्रामकता आती है, जबकि रेड वाइन पीने वाले करीब 2.5 फीसदी लोगों ने ही आक्रामकता की बात कही।

शोधकर्ताओं ने कहा, अल्कोहल पीने से जुड़ी भावनाओं को समझने से इसके दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी, जो आबादी के विभिन्न समूहों के बीच शराब पीने के लिए कौन सी भावनाएं प्रेरित करती है, इसे समझने में मदद मिलेगी।

शोध में शराब पर निर्भरता लिंग और श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग पाया गया।

शोध के निष्कर्षो से पता चला कि पुरुषों की सभी तरह के अल्कोहल से आक्रामकता की भावना जुड़ी होती है, जबकि जो ज्यादा पीनेवाले या शराबी होते हैं, उनमें कम पीने वालों की अपेक्षा शराब पीकर आक्रामकता छह गुनी अधिक आती है।

ज्यादा पीनेवाले किसी एक ड्रिंक से अधिक जुड़े होते हैं जो उनमें आक्रामकता या दुख की भावना जगाती है और चाहे वे घर में हो या बाहर, वे उसी ड्रिंक को पीते हैं।

शोधकर्ताओं ने कहा कि शराबी लोग अल्कोहल पर सकारात्मक भावनाओं को जगाने के लिए बहुत अधिक निर्भर होते हैं। वे पीने के बाद कम पीने वालों की अपेक्षा 5 गुणा अधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं।

शोध के सह-लेखक और पॉलिसी, रिसर्च और इंटरनेशनल डेवलपमेंट के पब्लिक हेल्थ वेल्स निदेशक मार्क बेलिस ने कहा, सदियों से, रम, जिन, वोदका और अन्य स्पिरिट ड्रिंक्स का इतिहास हिसा से जुड़ा रहा है। इस वैश्विक शोध से पता चलता है कि आज भी स्पिरिट पीने से अन्य ड्रिंक्स की तुलना में आक्रामकता की भावना अधिक आती है।

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मनोरंजन

सिंगर्स ने कोरोना वायरस पर बनाया गाना, भड़क उठे लोग

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मुंबई। चीन में कोरोना वायरस की वजह से अबतक 2000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 28 देशों के लोग इस खतरनाक वायरस से संक्रमित हैं। इस बीच भोजपुरी इंडस्ट्री ने अपनी क्रिएटिविटी के चक्कर में कुछ ऐसा कर दिया जो लोगों को बिलकुल भी पसंद नहीं आया।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक गाना इन दिनों वायरल हो रहा है। गाना कोरोना वायरस पर बनाया गया है। रितेश पांडेय और स्नेहा उपाध्याय के गाने ‘हैलो कौन’ की तर्ज पर भोजपुरी कलाकारों ने इसे बनाया गया है। गाने में एक प्रेमी और प्रेमिका की फोन पर बातचीत को दिखाया गया है।

गाने में विजुअल्स के नाम पर चीन की अस्पतालों की कुछ क्लिप और बाकी गाने की रिकॉर्डिंग का वीडियो है। सॉन्ग की लिरिक्स काफी खराब हैं और इसे यूट्यूब व बाकी पोर्टल्स पर खूब ट्रोल किया जा रहा है। गाने का काफी मजाक बनाया जा रहा है।

गाने को खुशबू उत्तम और प्रवीन उत्तम ने लिखा और गाया है। गाने में प्रेमी प्रेमिका से मिलने की बात कर रहा है और प्रेमिका ये कहते हुए उसे इनकार कर देती है कि वह चीन से अपने साथ कोरोना वायरल लेकर आ गया है।

गाने के जरिए थोड़ी जानकारी देने की भी कोशिश की गई है लेकिन इतने गंभीर विषय पर डिस्को म्यूजिक के साथ सस्ते लिरिक्स काफी चीप लगते हैं।

एक यूजर ने यूट्यूब पर कमेंट बॉक्स में लिखा- लोग मर रहे हैं। जानें जा रही हैं और आप लोग टीआरपी के लिए कुछ भी गा रहे हैं। शरम करो। एक अन्य यूजर ने लिखा- मुझे तो लगता है दोनों को सच में कोरोना वायरल हो गया है।

एक कमेंट में यूजर ने लिखा- कौन सा नशा कर लिया है?  एक अन्य यूजर ने लिखा- यही मिला था गाने को? तमाम लोग ऐसे हैं जिन्होंने इस विषय को गंभीरता से लिए जाने और मजाक नहीं बनाने का अनुरोध किया है।

 

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