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लंबी बीमारी से जूझ रहे रानी मुख़र्जी के पिता का हुआ निधन

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नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुख़र्जी के पिता राम मुखर्जी का निधन रविवार सुबह 4 बजे हुआ।  जानकारी के मुताबिक, राम मुखर्जी पिछले कई दिनों से मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे।

वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे । अस्पताल में उनका नि‍धन हुआ है।  उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल से उनके जुहू स्थित घर जानकी कुटीर लाया जा चुका है।  दोपहर 2 बजेविले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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फिल्ममालिया स्टूडियोज के संस्थापकों में से एक, राम मुखर्जी सर्वश्रेष्ठ हम हिन्दुस्तानी और लीडर जैसी फिल्मों के लिए प्रसिद्ध हैं।  उन्होंने अपनी बेटी रानी मुखर्जी की पहली बॉलीवुड फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ भी बनाई।

हम हिंदोस्तानी (1960) और लीडर (1964) जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके।  राम मुखर्जी ने 1996 में बेटी रानी मुखर्जी की डेब्यू बंगाली फिल्म ‘बियेर फूल’ को डायरेक्ट किया था।

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बता दें की उनकी पत्नी कृष्णा प्लेबैक सिंगर हैं और उनके बेटे राजा एक्टर और डायरेक्टर हैं।

प्रादेशिक

केरल-पंजाब के बाद अब राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव

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जयपुर केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा ने भी शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया। इसी के साथ राजस्थान सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।

केरल और पंजाब के बाद ऐसा प्रस्ताव पास करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य बन गया है। राजस्थान विधानसभा में सीएए के खिलाफ पेश प्रस्ताव में कहा गया कि संसद द्वारा अनुमोदित सीएए के जरिए धर्म के आधार पर अवैध प्रवासियों को निशाना बनाया गया है।

धर्म के आधार पर ऐसा भेदभाव ठीक नहीं है। यह संविधान की धर्मनिरपेक्ष वाली मूल भावना के खिलाफ है। यही कारण है कि सीएए के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। संकल्प में एनआरसी और असम का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, राजस्थान विधानसभा में सीएए के साथ ही एनपीआर में हुए संशोधनों को लेकर भी संकल्प पास हुआ। राजस्थान पहला राज्य है, जहां एनपीआर के संशोधनों को लेकर कोई संकल्प पास किया गया है।

इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शनिवार को जब सदन में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने विरोध किया।

भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। इससे पहले एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने वाला 126वां संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया।

केरल विधानसभा ने 31 दिसंबर 2019 और पंजाब विधानसभा ने 17 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था।

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