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आध्यात्म

दिवाली पर पूजा का ये है सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

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नई दिल्ली। भारत में दिवाली का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल ये तिथि 19 अक्टूबर 2017 को पड़ रही है। इस दिन दाता धन की देवी मां लक्ष्मी का पूजन शुभ मुहूर्त में करने से घर में सुख-समृद्धि आएगी और पूरा साल मंगलकारी होगा। दिवाली के दिन पूजा का खास महत्व होता है। माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी धरती पर आती हैं और उनका स्वागत करने के लिए बहुत दिन पहले से ही लोग घरों की साफ-सफाई करनी शुरू कर देते हैं। घर के दुल्हन की तरह सजाया जाता है। हर साल दिवाली के दिन पूजा का अलग समय होता है। धन की प्राप्ति और पारिवारिक खुशियां पाने के लिए मुहूर्त के हिसाब से पूजा करने का बहुत महत्व है।

इस दिवाली पूजा करने के लिए 3 शुभ मुहूर्त है। इन तीनों मुहूर्त में पूजा करने का अपना ही विशेष महत्व होता है। इन विशेष मुहूर्त में मां लक्ष्मी के साथ विष्णु, गणेश और कुबेर की पूजा भी की जा सकती है।

ये हैं शुभ मुहूर्त….

1.
प्रदोष काल मुहूर्त
मां लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05.43 से 08.16 तक
वृषभ काल: शाम 7.11 से 9.06 तक

2.
चौघड़िया पूजा मुहूर्त
सुबह: 6.28 से 7.53
शाम: 4.19 से 8.55

3.
महानिशिता काल मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा का अवधि- 51 मिनट
महानिशिता काल- 11.40 से 12.31
बता दें कि दीवाली के दिन अमावस्या तिथि आरंभ 00:13 (19 अक्टूबर) पर होगी और अमावस्या तिथि समाप्त 00:41 (20 अक्टूबर) पर होगी।

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दिवाली के दिन पूजा का है ये है सबसे शुभ मुहूर्त

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नई दिल्ली। आज यानी रविवार को पूरा देश दिवाली का त्योहार धूमधाम से मना रहा है। कार्तिक मास की अमावस्या को महानिशा काल में और स्थिर लग्न में महादेवी लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। इससे माता लक्ष्मी की कृपा पूरे साल भक्तों पर बनी रहती है। उन्हें धन की कभी कमी नहीं रहती है।

– अपने घर की उत्तर या पूर्व दिशा को (पूजास्थल) को साफ करके स्थिर लग्न में एक लकड़ी के पटरी पर सवा मीटर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश देवी लक्ष्मी और कुबेर आदि देवताओं की स्थापना करें

–  सभी देवी देवताओं को रोली मोली चावल धूप दीप सफेद मिष्ठान्न अर्पण करें और भगवान गणेश को 27 हरी दूर्वा की पत्तियां और देवी लक्ष्मी को कमल का पुष्प अर्पित करें

– स्थिर लग्न में स्वयं आप लाल आसन पर बैठकर अपने दाएं हाथ में जल लेकर देवी लक्ष्मी से अपने घर में चिर स्थाई रूप से रहने की प्रार्थना करें

– ॐ गं गणपतये नमः और ॐ ह्रीं श्रीं महालक्ष्मये नमः और ॐ कुबेराय नमः मन्त्र का कमलगट्टे की माला से 108 बार जाप करें

– जाप के बाद भगवान गणपति देवी लक्ष्मी और सभी देवी देवताओं को सफेद मिठाई और फल और साबूदाने की खीर का भोग लगाएं  और परिवार के सभी सदस्य प्रसाद ले

पूजा का समय

व्यापारी वर्ग पूजा का समय दोपहर 2:17 से 3:41 तक

शाम की पूजा का समय 6:45 से 8:36 तक

महानिशाकाल रात 1:14 से 3:27 तक

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