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खेल-कूद

कंगारुओं के छक्के छुड़ाने वाले हार्दिक पांड्या कभी मैगी खाकर करते थे गुजारा

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माही, हार्दिक पांड्या ,हिमांशु पांड्या, किरन मोरे , मैगी,ऑस्ट्रेलिया

चेन्नई। कंगारुओं के खिलाफ पहले वन डे में अपने बल्ले से जौहर दिखाने वाले हार्दिक पांड्या को किसी जमाने में मैगी खाकर गुजारा करना पड़ता था। इतना ही नहीं हार्दिक पांड्या के घर में खाने के लिए पैसा तक नहीं होता था। शुरुआती जीवन में हार्दिक पांड्या को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हार्दिक पांड्या के पिता हिमांशु पांड्या का छोटा कार फाइनेंस का बिजनेस था लेकिन बाद में यह बंद हो गया।

उनके पिता को क्रिकेट देखने का बहुत शौक था। पिता अपने दोनों बेटों को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। इसी को ध्यान में रखकर हिमांशु पांड्या अक्सर अपने दोनों बेटों को क्रिकेट दिखाने के लिए स्टेडियम ले जाते थे। हिमांशु ने इसके बाद अपने बेटों को वडोदरा में किरन मोरे की क्रिकेट अकादमी में भेज दिया। दोनों बेटे क्रिकेट का हुनर यहां से सीखने लगे। हार्दिक पांड्या ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह क्रिकेट सीखने के लिए सुबह-शाम केवल मैगी खाकर गुजारा करते थे क्योंकि उस समय उनके घर में पैसा नहीं हुआ करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी।

उन्होंने बताया कि हमारे घर में पैसों की बहुत परेशानी हुआ करती थी लेकिन अब वह जो चाहते हैं वो खा सकते हैं। चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम का टॉप ऑडर फेल हो चुका था लेकिन बाद हार्दिक पांड्या ने माही के साथ मिलकर टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दोनों ने मिलकर 118 रन की दमदार साझेदारी की।

 

 

 

खेल-कूद

आत्मरक्षा के लिए बच्चे और महिलाएं जरूर सीखें कुंग फू: शिशिर

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लखनऊ। खेल से स्वस्थ और फिट रह सकते हैं। खेलों के प्रति बच्चों का रुझान कम होना अच्छे संकेत नहीं हैं। आज बच्चों का खेल मैदान से नाता कम होने का खामियाजा समाज को भुगतान पड़ रहा हैं। बच्चियों और महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं, ऐसी दशा में बच्चियों और महिलाओं को अपनी रक्षा स्वयं करने के लिए आत्म रक्षा की कला कुंग फू को सीखना चाहिए।

यह बातें सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक शिशिर ने 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता के आज दूसरे दिन बालिकाओं की सांडा फाइट के उद्घाटन के मौके पर कही।

उन्होंने कहा कि छोटे छोटे बच्चों को कुंग फू खेल खेलते देख अपना बचपन याद आ गया। कुंग फू फेडरेशन ऑफ इंडिया का यह प्रयास काफी सराहनीय है। उन्होंने ने कहा कि इस आत्म रक्षा के खेल को हर स्तर से बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

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