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आखिर कौन है वो वकील? जो फांसी के 86 साल बाद भगत सिंह को दिला रहा इन्साफ

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एक अंग्रेज पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह को फांसी पर लटकाने के 86 साल बाद उन्हें बेगुनाह साबित करने के लिए एक पाकिस्तानी वकील लाहौर हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है

वकील इम्तियाज राशिद कुरैशी ने अर्जी देकर याचिका पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया।

बता दें कि, लाहौर हाई कोर्ट की बेंच ने फरवरी में चीफ जस्टिस से कुरैशी की याचिका पर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच का गठन करने का आग्रह किया था। लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

कुरैशी लाहौर में भगत सिंह ममोरियल फाउंडेशन चलाते हैं। याचिका में कुरैशी ने कहा था कि भगत सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने बंटवारे से पहले के हिंदुस्तान की आजादी के लिए संघर्ष किया था।

याचिका में अदालत से फिर से विचार करने के सिद्धांतों का पालन करते हुए भगत सिंह की सजा रद्द करने और सरकार को उन्हें राजकीय सम्मान देने का आदेश देने की मांग की गयी है। भगत सिंह को 23 साल की उम्र में ब्रिटिश शासकों ने 23 मार्च 1931 को फांसी पर चढ़ा दिया था।

 

नेशनल

सीएबी पर पाकिस्तान की भाषा बोल रही कांग्रेस: मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस और कुछ विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा और कहा कि ये लोग नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019(सीएबी) को लेकर पाकिस्तान की भाषा में बात कर रहे हैं। मोदी ने यह बयान संसद के पुस्तकालय भवन में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की संसदीय दल की बैठक में दिया।

बैठक के बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पत्रकारों से कहा, “लोग संसद में सीएबी पर कांग्रेस के रुख पर अलग-अलग राय दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संसदीय दल की बैठक में इसे एक वाक्य में स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां पाकिस्तान की भाषा में बात कर रही हैं।”

उन्होंने कहा, “यहां तक कि पूर्णविराम और कामा भी समान है। हमें सीएबी विधेयक के बारे में भारत के लोगों को जानने देना चाहिए। प्रधानमंत्री का एक वाक्य का बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की सोच क्या है।” इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नागरिकता(संशोधन) विधेयक, 2019 को ‘नरेंद्र मोदी-अमित शाह सरकार द्वारा पूर्वोत्तर में जातीय सफाया करने का प्रयास बताया’ और कहा कि यह लोगों पर ‘आपराधिक हमला’ है।

राहुल ने ट्वीट किया, “सीएबी मोदी-शाह सरकार द्वारा पूर्वोत्तर में जातीय सफाये का प्रयास है। यह पूर्वोत्तर पर, वहा के लोगों के जीवन के तौर-तरीके पर और भारत के विचार पर एक आपराधिक हमला है। मैं पूर्वोत्तर के लोगों के साथ खड़ा हूं और उनकी सेवा में तत्पर हूं।” मोदी लोकसभा में इस विधेयक के पारित होने के दो दिन बाद यहां भाजपा संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

सीएबी के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से उत्पीड़न झेल कर यहां आए हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों, पारसियों, जैनियों और बौद्धों को भारतीय नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। विपक्ष ने विधेयक को ‘असंवैधानिक’ बताकर इसका विरोध किया है।

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