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मनोरंजन

रेप सीन का रिकॉर्ड बना हिट हुई थी यह एक्ट्रेस, हो गई थी भयावह मौत

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मुंबई।  बॉलीवुड का वो दौर जिसे हम ‘गोल्डन एरा’ भी कहते है यानी की सन नब्बे का वो दशक जब अभिनेताओं व अभिनेत्रियों की अपनी अलग एक अदा होती थी। इसके पहले 60 से 70 के दशक में सादगी से अभिनेत्रियाँ दर्शकों के दिलों पर राज किया करती थी। ऐसे दौर में एक अभिनेत्री थी, जिसने बेहद फिल्मों में बेहद संजीदा रोल निभाकर कईयों को अपना दीवाना बना लिया था।

बॉलीवुड में 60’s और 70’s की एक्ट्रेसेस की बात करें तो नाजिमा का नाम बरबस ही सामने आ जाता है। वैसे तो नाजिमा को फिल्मों में सपोर्टिंग रोल के लिए ही जाना जाता है, लेकिन उनके नाम एक और रिकॉर्ड है जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। नाजिमा बॉलीवुड की इकलौती ऐसी एक्ट्रेस थीं, जिन्होंने सबसे ज्यादा फिल्मों में रेप सीन किए हैं।

उन्हें फिल्म ‘बेइमान’ के लिए 1972 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस कैटेगरी में फिल्मफेयर के लिए नॉमिनेट किया गया था। 27 साल की उम्र में नाजिमा की कैंसर से मौत हो गई थी।  नाजिमा ने बेहद कम उम्र में ही काफी कुछ हासिल कर लिया था।

महज 22 साल की उम्र में ही वो उस दौर की हीरोइंस की नजरों में खटकने लगी थीं। अपने छोटे से करियर में ही उन्होंने 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।
27 साल की उम्र में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से जूझते हुए 1975 में उनकी मौत हो गई थी।

नाजिमा के इनोसेंट लुक की वजह से उन्हें कई फिल्मों में हीरो या हीरोइन की छोटी बहन का किरदार निभाने का मौका मिलता था।

यहां तक कि वो उस दौर में ‘बॉलीवुड की बहन’ के नाम से फेमस हो गई थीं।  बतौर लीड हीरोइन नाजिमा ने सिर्फ एक ही फिल्म में काम किया और वह थी 1975 में रिलीज हुई ‘दयार-ए-मदीना’।

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गुजराती फिल्मों के सुपरस्टार नरेश कनोडिया का कोरोना से निधन

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नई दिल्ली। गुजराती फिल्म स्टार और भाजपा के पूर्व विधायक नरेश कनोडिया का मंगलवार सुबह कोरोनो से निधन हो गया। वो 77 वर्ष के थे। बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के बाद उनका अहमदाबाद के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट में इलाज चल रहा था। उनके निधन से गुजराती फिल्म इंडस्ट्री में शोक में डूबा हुआ है। नरेश कनोडिया के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके शोक जताया है।

पीएम मोदी ने लिखा, महेश कनोडिया जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे एक बहुमुखी प्रतिभासंपन्न गायक थे, जिन्हें लोगों का भरपूर प्यार मिला। एक राजनेता के रूप में भी वे गरीबों और पिछड़ों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहे। हितु कनोडिया जी से मैंने बात की और उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की।

नरेश कनोडिया का जन्म 20 अगस्त, 1943 को महेसाणा जिले के बेचाराजी तहसील के कानोडा गांव में हुआ था। उनके बड़े भाई महेश कनोडिया का 25 अक्टूबर को गांधीनगर में 80 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। महेश कनोडिया भाजपा के पूर्व सांसद थे जबकि नरेश पूर्व विधायक थे।

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