Connect with us

ऑफ़बीट

कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार करती है यह छिपकली, कीमत सुन चक्कर खा जाएंगे आप

Published

on

नई दिल्ली। घरों के अंदर छिपकली दिखना तो आम बात है। लेकिन अगर छिपकली ऐसी हो जिसकी कीमत एक लग्जरी कार से भी ज्यादा हो तो। सुनकर चौंक गए ना। एक ऐसी छिपकली भी है जिसकी कीमत 40 लाख रूपए है। 40 लाख रूपए में बिकने वाली इस छिपकली का नाम गीको है।

इस छिपकली को टॉके के नाम से भी जाना जाता है। इसा छिपकली की विशेषता यह है कि यह टॉक के जैसी आवाज निकालती है। इस छिपकली की और भी कई विशेषताएं हैं।

यह छिपकली केवल दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे कि बिहार, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, फिलीपींस तथा नेपाल में पाई जाती है।

इस गीको छिपकली के शरीर के हिस्सों का प्रयोग एड्स, कैंसर और मधुमेह जैसे रोगों की दवाईयां बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इस छिपकली का उपयोग मर्दानगी बढाने के लिए भी किया जाता है।

इसी कारण से ब्लैक मार्केट में इस छिपकली की कीमत 40 लाख रुपए है। लगातार जंगलों की कटाई के कारण अब इस छिपकली की प्रजाति धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है।

ऑफ़बीट

कहानी संग्रह ‘आकाश में कोरोना घना है..’ का हुआ विमोचन

Published

on

By

रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज सभागार में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति कार्यक्रम में 21 नवंबर को कोरोना संकट काल पर केंद्रित कहानी संग्रह “आकाश में कोरोना घना है..” का विमोचन पद्मश्री सुधा वर्गीज, प्रख्यात गीतकार मनोज मुंतशिर, सरस्वती के सहायक संपादक अनुपम परिहार, नई दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार प्रेम प्रकाश और समाजसेवी मुकेश बहादुर सिंह ने किया। संग्रह की कहानी लेखिका सना आफरीन और गौरव अवस्थी ने विमोचन संपन्न कराया।

कोरोना संकटकाल पर केंद्रित इस कहानी संग्रह में देश भर के लेखकों-पत्रकारों की 29 कहानियां संग्रहीत हैं।पत्रकार गौरव अवस्थी द्वारा संपादित कोरोना संकट पर केंद्रित यह कहानी संग्रह देश में पहला ऐसा संग्रह है, जिसमें कोरोना संकट का आंखों देखा सच समाहित है।

लिटिल बर्ड पब्लिकेशंस नई दिल्ली से प्रकाशित इस संग्रह को पाठकों ने हाथों हाथ लिया है और इस कहानी संग्रह को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोगों ने काफी पसंद किया है।

Continue Reading

Trending