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लालू के परिवार पर तगड़ी कार्रवाई, मीसा की प्रॉपर्टी अटैच

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नई दिल्ली। बेनामी संपत्ति मामले में फंसे राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आयकर विभाग ने मीसा की चार संपत्तियों को अटैच कर दिया है। चर्चा है कि विभाग ने लालू प्रसाद के दोनों बेटों डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव व मंत्री तेजप्रताप यादव की संपत्ति भी जब्त की है। हालांकि, आयाकर विभाग ने उन्हें नोटिस जारी नहीं किया है, इसलिए इस बाबत स्थित अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

इसके तहत अब मीसा भारती इन संपत्तियों को ना बेच सकती हैं और ना ही किराये पर दे सकती हैं। इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मीसा भारती अभी राज्यसभा सांसद भी हैं।

लालू के बच्चों से जुड़ी बेनामी संपत्ति जब्त करने के आदेश सोमवार को ही जारी किए गए। लालू यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा की सांसद मीसा भारती को आयकर विभाग ने तलब किया है. उन्हें जुलाई के पहले हफ्ते में आयकर विभाग के दफ्तर में पेश होकर बेनामी लेनदेन पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

बिहार से राज्यसभा सांसद मीसा को आयकर विभाग ने 24 मई को समन भेजकर छह जून को पेश होने को कहा था लेकिन मीसा ने मंगलवार को अपने स्थान पर अपने वकील को भेज दिया। उनके पति शैलेश कुमार को भी बयान देने के लिए बुलाया गया था।

आयकर विभाग ने मीसा भारती पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना कथित बेनामी संपत्ति मामले में आयकर विभाग के समक्ष पेश नहीं होने पर लगाया गया।

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एनकाउंटर के डर उज्जैन पुलिस के सामने गिड़गिड़ाता रहा विकास दुबे, बोला-मुझे यहीं जेल में डाल दो

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लखनऊ। यूपी के कानपुर के आठ पुलिस वालों के हत्यारे विकास दुबे को यूपी एसटीएफ ने उसके अंजाम तक पहुंचा दिया है। अब विकास दुबे के मारे जाने के बाद इस केस को लेकर रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। बता दें कि उज्जैन में महाकाल के दर्शन करते समय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था, इसके बाद जब उज्जैन पुलिस उसे यूपी एसटीएफ के हवाले करने जा रही थी तो वह बार-बार उनके सामने गिड़गिड़ा रहा था। विकास कह रहा था कि वह उसे यूपी एसटीएफ के हवाले न करें। उसे यही जेल में डाल दिया जाए। विकास को डर था कि जिस तरह एक-एक कर उसके साथियों का एनकाउंटर हो रहा है कहीं यूपी पुलिस उसका भी एनकाउंटर न कर दे।

विकास को छोड़ने जा रही टीम में शामिल एक जवान ने स्थानीय अखबार से बात करते हुए कहा है कि विकास लगातार डरा हुआ था। उसे पता था कि यूपी पुलिस के हाथ लगा तो उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। विकास को यूपी पुलिस के हवाले करने 16 जवानों की टीम गई थी। वह लगातार पुलिस की टीम से कहा रहा था कि मुझे उज्जैन जेल में ही डाल दो। एक जवान ने बताया कि वह उज्जैन में ही रखे जाने को लेकर रास्ते भर गिड़गिड़ा रहा था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान विकास दुबे पुलिस के सामने कई बार रोया था। उसने उज्जैन में अधिकारियों से भी गुहार लगाई थी कि मुझे कोर्ट में पेशी को बाद उज्जैन जेल में ही भिजवा दो, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और वो अपने अंजाम तक पहुंच गया।

#VIKASDUBEY #UJJAINPOLICE #UPSTF

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