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खुदाई में पुराने सिक्कों से भरी मटकी मिली, मची छीनाझपटी

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फर्रुखाबाद, खुदाई, सिक्कों, मटकी, छीनाझपटी

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के शमसाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बैरमपुर में मनरेगा के तहत किए जा रहे चकरोड निर्माण के दौरान मजदूरों को खुदाई के दौरान पुराने 55 सिक्कों से भरी मिट्टी की मटकी मिली। सिक्के मिलने पर मजदूरों में छीनाझपटी मच गई।

इनमें से कुछ सिक्के लेकर मजदूर भाग गए थे। इन्‍हें बाद में पुलिस ने कब्जे में ले लिया। सिक्कों पर उर्दू में कुछ लिखा हुआ है। इनका वजन पांच से छह ग्राम के बीच है। सिक्के कितने पुराने हैं और किस धातु के हैं, इसका पता लगाने के लिए पुरातत्व टीम को बुलाया गया है।

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बैरमपुर गांव में चकरोड का निर्माण कराया जा रहा है। शनिवार को पसियापुर गांव के 7-8 मजूदर चकरोड के लिए खुदाई कर रहे थे, खेत से मिट्टी उठाई जा रही थी। खुदाई के दौरान मजदूर कबीर के फाबड़े से अचानक मटकी टकराई। मजदूरों ने देखा कि जमीन में एक अष्ट धातु के सिक्कों से भरी मटकी दबी थी। खबर लगते ही मजदूर सिक्कों पर टूट पड़े और 36 सिक्के लेकर फरार हो गए।

घटना की सूचना पर तहसीलदार व थानाध्यक्ष सुशील गुप्ता मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। पुलिस ने सिक्का लेकर भागे मजदूरों को दबोच लिया। उनके पास से 36 सिक्के भी बरामद कर लिए। इसके बाद पुलिस ने मौके से 19 सिक्के और बरामद कर लिए। कुल मिलाकर खुदाई में 55 अष्ट धातु के सिक्के पुलिस ने जब्त किए।

थानाध्यक्ष सुशील गुप्ता ने बताया कि सभी 55 सिक्के बरामद कर लिए गए हैं। मजदूरों से पूछताछ की जा रही है। जानकारी पाकर तहसीलदार गजेंद्र सिंह और एसओ शमसाबाद भी मौके पर पहुंचे।

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निर्भया के दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की क्यूरेटिव याचिका

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नई दिल्ली। निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल कर दी है। याचिका में पवन की तरफ से फांसी को उम्रकैद में बदलने की मांग की है।

इससे पहले इस केस में बाकि के तीन दोषियों की पिटीशन भी खारिज हो चुकी है। बता दें कि केवल पवन के पास ही कानून विकल्प बचे हैं बाकि सभी के पास दोषियों के पास फांसी से बचने के सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं।

दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में बर्बर तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस जघन्य घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए सरकार सिंगापुर ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

इस घटना में दोषियों ने पीड़िता के प्राइवेट में रॉड तक डाल दी थी। इस भयावह घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस घटना की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई थी। वहीं निर्भया के एक दोषी राम सिंह ने केस की सुनवाई के दौरान ही खुदकुशी कर ली थी।

 

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