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बुआजी और भतीजे में बनी बात, लालू के मंच से होगा ऐलान

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मैनपुरी। उत्तर प्रदेश की राजनीति नई करवट लेती दिखाई दे रही है। दो धुर विरोधी समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख में गठबंधन की बात पक्की नजर आ रही है। कुल मिलाकर ‘बुआजी’ यानी मायावती और ‘भतीजे’ यानी अखिलेश में बात पक्की हो चुकी है।

सपा प्रमुख अखिलेश बुधवार को यहां सपा नेता और पूर्व एमएलसी सुभाष यादव की पत्नी के निधन पर शोक प्रकट करने आये थे। अखिलेश यादव ने कहा कि वह राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव द्वारा पटना में 27 अगस्त को आयोजित रैली में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती भी रैली में शामिल होंगी और गठबंधन की दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि पिता मुलायम सिंह यादव को लेकर कहा कि उनसे उनकी कोई नाराजगी नहीं है और न ही पिता की बेटे से नाराजगी है। कुछ लोग उन्हें भ्रमित कर रहे हैं।

बता दें कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आगामी 27 अगस्त को पटना में एक विशाल रैली करने वाले हैं। लालू ने इस रैली में शामिल होने के लिए देश के प्रमुख विपक्षी दलों को न्यौता दिया है। हालांकि बसपा या मायावती की तरफ से ऐसी कोई खबर नही है कि वह रैली में शामिल होंगी या नहीं। इससे पहले पिछले दिनों अखिलेश यादव और मायावती कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा दिल्ली में दी गई लंच पार्टी में भी दोनों शामिल हुए थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे पर अखिलेश ने कहा, “भगवान् तो दिल में रहते हैं, हम भी पूजा करते हैं। बीजेपी को बहुमत मिला है वे उनकी सरकार से बेहतर काम करके दिखाएं।”

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दिल्ली में हिंसा के बीच हिंदू लड़की की शादी में ढाल बनकर खड़े रहे मुसलमान

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 38 लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा के बीच एक ऐसी पॉजिटिव खबर सामने आई है जिससे आपको यकीन हो जाएगा कि इतने तनाव के बावजूद लोगों में इंसानियत अभी भी बाकी है।

दरअसल, दिल्ली में हो रही हिंसा के बीच एक हिन्दू लड़की की शादी थी। परिवार शादी रद्द करने के लिए मजबूर था। लेकिन तभी कुछ मुस्लिम पड़ोसी आए।

उन्होंने हिंदू परिवार की मदद की और इंसानियत की मिसाल पेश की। हम बात कर रहे हैं सावित्री प्रसाद की। 23 साल की सावित्री की 25 फरवरी को शादी थी। उन्होंने बताया कि वह अपने घर में रो रही थी।

बाहर हिंसक भीड़ बवाल काट रही थी। शादी का आयोजन उसी दिन था। सावित्री ने बताया कि उनके कुछ मुस्लिम पड़ोसी उनके साथ थे। वो सामने आए और उन्होंने उनकी मदद की। हालांकि उनकी शादी मंगलवार को नहीं बल्कि बुधवार के दिन हुई। यह बताते-बताते सावित्री भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू आने लगे।

सावित्री के पिता भोदय प्रसाद ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनका घर उस गली के पास ही है, जहां दंगे भड़के थे। लेकिन उनके घर कुछ नहीं हुआ। इलाके के लोग उनके साथ थे।

उन्होंने बताया कि जब वो छत पर गए तो चारो ओर धुआं ही धुआं दिख रहा था। वो कहते हैं, ‘हमें नहीं पता कि इस दंगे के पीछे कौन है। पर वो हमारे पड़ोसी नहीं हैं। यहां हिंदू-मुस्लिम में बहुत प्यार है।’

 

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