Connect with us

अन्तर्राष्ट्रीय

काबुल में आत्मघाती हमले में 80 की मौत, दर्जनभर इमारतें नष्ट

Published

on

काबुल धमाके, अफगानिस्‍तान, काबुल, जर्मनी, विस्फोट, ट्वीट, टैंकर

काबुल/नई दिल्ली। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बुधवार को जर्मनी के दूतावास के पास विस्फोटकों से लदे पानी टैंकर में विस्फोट से 80 लोगों की मौत हो गई जबकि लगभग 350 घायल हो गए। यह विस्फोट काबुल में सुबह 8.22 बजे हुआ जिसमें 50 वाहन और दर्जनभर इमारतें नष्ट हो गईं। इसमें कई दूतावास और नाटो रिसॉल्यूट सपोर्ट का मुख्यालय भी है।

काबुल धमाके, अफगानिस्‍तान, काबुल, जर्मनी, विस्फोट, ट्वीट, टैंकर

अफगानिस्तान और विदेशी सुरक्षाबल तुरंत मौके पर पहुंचे। इस विस्फोट के बाद यहां-वहां कटे-जले शव पड़े थे, कुछ लोग तो गंभीर रूप से घायल थे जिका चेहरा खून से सना हुआ था।

कुछ कारें भी इस विस्फोट की चपेट में आ गई, जिसके बाद शहर में धुंए का गुब्बार उड़ता देखा गया।अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों की संख्या 80 बताई है। टोलो न्यूज के मुताबिक, मृतकों में अधिकतर स्थानीय नागरिक हैं। इसमें भी बड़ी संख्या रोशन मोबाइल कंपनी के कर्मचारियों की है।

इन हमलों की जिम्‍मेदारी आईएस आईएस ने ली है। मृतकों में टोलो न्यूज का एक अफगान पत्रकार भी है। बीबीसी और आईटीवी का एक-एक पत्रकार घायल हुआ है। सुषमा ने ट्वीट कर बताया, “भगवान की कृपा से काबुल विस्फोट में भारतीय दूतावास के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।” चिकित्सकों का कहना है कि दर्जनभर घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।

आतंरिक मंत्रालय के अधिकारी ने टोलो न्यूज को बताया कि हत्यारे ने हमले के लिए पानी के टैंकर का इस्तेमाल किया जो विस्फोटकों से लदा हुआ था। हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

 

अन्तर्राष्ट्रीय

युवक ने लगवाई थी कोरोना की वैक्सीन, फिर उसके साथ जो हुआ…

Published

on

कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। इस वायरस ने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली है। कई देश इस वायरस को रोकने के लिए इसकी वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं।

अमेरिका में भी कई कंपनियां वैक्सीन का ट्रायल कर रही हैं। मॉडर्ना कंपनी ने भी एक वैक्सीन तैयार की है जिसका ट्रायल जारी है। लेकिन इस वैक्सीन को लगाने के बाद एक युवक के अंदर इसका बुरा असर दिखा है।

युवक का नाम इआन हेडन है। वह वॉशिंगटन का रहने वाला है। 29 साल के हेडन ने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। जिसके बाद उसके शरीर में बदलाव देखने को मिला है। हेल्थ न्यूज वेबसाइट STAT News से बात करते हुए इआन ने बताया कि वे बेहोश हो गए थे।

हालांकि, खुद पर बुरा असर होने के बावजूद इआन ने कहा कि वे चाहते हैं कि जब वैक्सीन उपलब्ध हो तो लोग लगवाएं। इआन ने कहा कि वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के करीब 12 घंटे बाद उन्हें 103 फारेनहाइट बुखार हो गया था।

तबीयत बिगड़ने पर इआन को इमरजेंसी क्लिनिक में इलाज किया गया, लेकिन जब वे वापस घर लौटे तो बेहोश हो गए। हालांकि, 24 घंटे के भीतर उनकी तबीयत में सुधार देखने को मिला।

इआन हेडन ने कहा कि जब उन्हें मॉडर्ना वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई तो हाथों में कुछ दर्द हुआ और हाथ कंधे से ऊपर उठाने में भी उन्हें दिक्कत हुई।

दूसरी डोज के बाद जब इआन हेडन की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें सुबह 5 बजे इमरजेंसी क्लिनिक जाना पड़ा। कुछ इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हॉस्पिटल जाने को कहा, लेकिन वे घर लौट आए। घर लौटने पर उन्हें उल्टी हुई और वे बेहोश हो गए।

मॉडर्ना कंपनी ने इआन के साथ ही अन्य 45 वॉलेंटियर्स को भी कोरोना वैक्सीन लगाए हैं। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक चार वॉलेंटियर्स को गंभीर दिक्कत हुई है, लेकिन किसी को भी जान का खतरा नहीं है।

हालांकि, वैक्सीन से अन्य लोगों पर जो बुरा असर हुआ है, उसके बारे में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है। मॉडर्ना कंपनी का कहना है कि इआन हेडन के साथ ही तीन कैंडिडेट को वैक्सीन की उच्च खुराक दी गई थी।

इआन हेडन ने कहा कि उन्हें बीमार पड़ने के बाद भी वैक्सीन लगवाने पर कोई पछतावा नहीं है। इआन ने कहा कि उन्हें इस बात का भी डर नहीं है कि इससे उनके शरीर पर लंबे वक्त तक बुरा असर पड़ सकता है।

हाल ही में मॉडर्ना कंपनी ने कहा था कि शुरुआत में जिन आठ लोगों को ट्रायल के दौरान वैक्सीन की खुराक दी गई थी उसका नतीजा सकारात्मक आया। अमेरिका की यह पहली वैक्सीन है जिसका टेस्ट लोगों पर किया गया। दवा कंपनी ने यह भी कहा था कि वैक्सीन सुरक्षित मालूम पड़ती है और वायरस के खिलाफ इम्यून रेस्पॉन्स पैदा करती नजर आती है।

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending