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जापान की राजकुमारी ने दिया गरीब प्रेमी को दिल, शादी करने को छोड़ेंगी शाही परिवार

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टोक्‍यो। जापान राजघराने की सदस्य राजकुमारी माको एक आम व्यक्ति से शादी करने का मन बना चुकी है। इसके लिए वह अपने शाही शानोशौकत और आरामदेह जीवन को छोड़ने को भी तैयार हो गई हैं।

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यह कोई फि‍ल्‍मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है। सम्राट अकीहीटो की पोती 25 वर्षीय माको, की कोमुरो नाम के एक आम युवक से शादी करने जा रही हैं। वह एक कानून फर्म में काम करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन पांच साल पहले साल 2012 में टोक्यो के इंटरनेशनल क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। प्‍यार में पड़ने के बाद दोनों ने शादी का निर्णय लिया। कोमुरो जापान के टूरिस्टों को प्रमोट करने के लिए ‘प्रिंस ऑफ द सी’ (समुद्र के राजकुमार) के रूप में भी काम कर चुके हैं।

राजकुमारी को छोड़नी होगी शाही शानोशौकत

जापान के शाही कानून के मुताबिक, आम व्यक्ति से शादी करने के बाद राजकुमारी को परिवार छोड़ना होगा। साथ ही उन्‍हें एक आम नागरिक के रूप में जीवन बिताना होगा। इस बारे में सबसे पहले लोकल मीडिया में चर्चा हुई थी, जिसके बाद शाही परिवार पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।

कोमुरो ने साधी चुप्‍पी

राजकुमार से शादी की चर्चा के बाद वहां के लोगों ने कोमुरो को जानने में काफी रुचि दिखाई। उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए कई लोग उनके फर्म पहुंचे। इस दौरान अपने सगाई के बारे में कोमुरो ने कहा, वह इस मुद्दे पर कोई कमेंट नहीं करना चाहते हैं। सही समय आने पर वह बोलेंगे। शाही परिवार में 19 सदस्य हैं, जिसमें 14 महिला हैं। एडिशन डॉट सीएनएन डॉट कॉम की खबर के मुताबिक, शाही परिवार ने शादी की पुष्टि की है। परिवार का कहना है कि राजकुमारी की सगाई की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

साम्राज्य को लेकर चिंता

माको की शादी की खबर के बाद लोगों में शाही परिवार के साम्राज्य को लेकर चिंता सताने लगी है कि यह आगे कैसे चलेगा। बता दें कि पिछले साल 82 साल के सम्राट अकीहीटो ने कहा था कि बढ़ती उम्र उनके शासन करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा था, मेरा स्वास्थ्य धीरे-धीरे गिर रहा है। यह मुझे मेरी ड्यूटी को पूरा करने में परेशानी खड़ी कर सकती है। इसके बाद से यह बहस छिड़ गई है कि शाही परिवार का अगला उत्तराधिकारी कौन होगा और कैसे शासन चलेगा।

 

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इस गांव के नीचे मिला 680 टन सोना, नाम जानते ही फावड़ा लेकर निकल पड़ेंगे आप

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नई दिल्ली। अगर आपको पता चले कि जिस गांव के आप रहने वाले हैं उसके नीचे कई टन सोना छुपा होगा तो क्या करेंगे? फावड़ा उठाएंगे और खुदाई शुरू कर देंगे….है न?

लेकिन कोलंबिया के एक छोटे से गांव के लोगों ने ऐसा नहीं किया कोलंबिया के काजामारका गांव में रहने वाले लोगों को जब ये पता चला कि उनके गांव के नीचे 680 टन सोना है तो उन्होंने इसे निकालने से मना कर दिया। आपको बता दें कि इस खजाने की कीमत लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपए है।

गांववालों ने खदान की खुदाई शुरू करने के लिए हुए जनमत संग्रह में एकजुट होकर इसका विरोध किया। उनका कहना है कि यदि पर्यावरण बचेगा तो हम बचेंगे। हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी को बेहतर सेहत और पर्यावरण मिले। 19 हजार की आबादी वाले गांव में से केवल 79 लोगों ने खुदाई के पक्ष में मतदान किया।

कोलंबिया सरकार के अनुसार काजामारका गांव में दबा हुआ सोने का यह भंडार दक्षिण अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा भंडार है। सरकार ने खनन की जिम्मेदारी दक्षिण अफ्रीकी कंपनी एंग्लोगोल्ड अशांति को सौंपी थी। इस खदान को ला कोलोसा का नाम दिया गया है।

सरकार का मानना था कि यहां मार्क्सवादी विद्रोही खत्म हो गए हैं। इसलिए यहां आसानी से खनन किया जा सकता है। मगर जनमत संग्रह के नतीजों ने सरकार की उम्मीदें तोड़ दी हैं। कोलंबिया के खनन मंत्री जर्मन एर्स जनमत संग्रह के परिणाम से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि लोगों को इस मामले में गुमराह किया गया है।

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