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ऑफ़बीट

सेहतमंद रहने के लिए आर्गेनिक साबुन और शैम्पू का करिए प्रयोग

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हानिकारक केमिकल युक्त साबुन और शैम्पू से हमारी त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में आर्गेनिक (जैविक) साबुन और शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए, जो प्राकृतिक खूबसूरती को बरकरार रखता है। सोलफ्लॉवर के प्रबंध निदेशक अमित सारदा और वर्ट की संस्थापक अनुपमा मल्होत्रा (दोनों कंपनियां प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों का उत्पादन करती हैं) ने आर्गेनिक साबुन और शैम्पू के इस्तेमाल से होने वाले फायदों के बारे में ये बातें बताई हैं।

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– आर्गेनिक शैम्पू और साबुन धुआं मुक्त वातावरण में बनाए जाते हैं। 100 प्रतिशत वेजिटेरियन होते हैं, इसमें पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल नहीं होता है।

–आर्गेनिक उत्पाद फलों या फूलों के सत्व से तैयार किए जाते हैं और इनमें हानिकारक केमिकल नहीं होते, इसलिए प्राकृतिक उत्पादों के इस्तेमाल से किसी प्रकार का नुकसान होने की आशंका नहीं होती है।

–कन्वेंशनल (सामान्य तौर पर प्रयोग किए जाने वाले उत्पाद) साबुन और शैम्पू प्रभावी महसूस हो सकते हैं, लेकिन उनके पैक पर लिखी सामग्री को पढ़ने के बाद आपको मालूम पड़ेगा कि ये वास्तव में कितने हानिकारक हैं। इन उत्पादों में सोडियम लॉरेल सल्फेट का धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है, जो त्वचा व शरीर को काफी नुकसान पहुंचाता है।

–हानिकारक पेस्टिसाइड ट्रिक्लोजन और डायोक्सिन जैसे हानिकारक रसायन भी वास्तव में धीरे-धीरे और स्थायी रूप से आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं।

–पशुओं पर उनका परीक्षण नहीं किया जाता है।

– कन्वेंशनल और आर्गेनिक उत्पादों की सामग्री और गुणवत्ता में काफी अंतर होता है। प्राकृतिक पोषण तत्वों, मिनरल्स और तेलों से भरपूर आर्गेनिक उत्पाद आपके बालों और त्वचा की कोशिकाओं को पोषित करते हैं।

–प्राकृतिक अवयवों से युक्त आर्गेनिक ‘टी ट्री’ रूसी को दूर करता है।

 

अन्तर्राष्ट्रीय

एक ऐसा देश जहां पराई लड़कियों से संबंध बनाने के लिए ‘सरकार’ पैसे देती है

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हर देश में प्रॉस्टीटूशन यानि वैश्यावृति काफी सक्रिय तौर पर चल रहा है, फिर चाहे वो हमारा देश ही क्यों न हो। वेश्यावृति का कारोबार हमारे देश में आग की तरह फैलता जा रहा है।

कुछ देशों में इसे कानूनी घोषित कर दिया तो कही इसे गैरकानूनी तरीके से चलाया जाता है जिसे रेड लाइट एरिया बोलते हैं। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां कॉलगर्ल का खर्च वहां की सरकार उठाती है।

दुनिया में हर देश की सरकार अपने देश की वृत्ति को आगे बढ़ने के लिए जनता की मदद करती है, लेकिन इस देश में परै महिलाओं के साथ संबंध बनाने के लिए उसका खर्च सरकार देती है।

हम बात कर रहे हैं नीदरलैंड की जहां सरकार कॉल गर्ल्स के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए पैसे देती है। जानकारी के मुताबिक, नीदरलैंड में किसी मरीज के इलाज के दौरान डॉक्टर की सलाह पर दवाओं के साथ-साथ कॉलगर्ल के साथ संबंध बनाने पर होने वाले खर्च को भी इलाज के खर्च में शामिल करने का प्रावधान है। ये बात बेहद अजीब है लेकिन सच भी है।

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