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सेहतमंद रहने के लिए आर्गेनिक साबुन और शैम्पू का करिए प्रयोग

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सेहतमंद होने के लिए आर्गेनिक साबुन और शैम्पू का करिए प्रयोग

नई दिल्ली हानिकारक केमिकल युक्त साबुन और शैम्पू से हमारी त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में आर्गेनिक (जैविक) साबुन और शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए, जो प्राकृतिक खूबसूरती को बरकरार रखता है। सोलफ्लॉवर के प्रबंध निदेशक अमित सारदा और वर्ट की संस्थापक अनुपमा मल्होत्रा (दोनों कंपनियां प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों का उत्पादन करती हैं) ने आर्गेनिक साबुन और शैम्पू के इस्तेमाल से होने वाले फायदों के बारे में ये बातें बताई हैं!

सेहतमंद होने के लिए आर्गेनिक साबुन और शैम्पू का करिए प्रयोग

– आर्गेनिक शैम्पू और साबुन धुआं मुक्त वातावरण में बनाए जाते हैं। 100 प्रतिशत वेजिटेरियन होते हैं, इसमें पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल नहीं होता है।

–आर्गेनिक उत्पाद फलों या फूलों के सत्व से तैयार किए जाते हैं और इनमें हानिकारक केमिकल नहीं होते, इसलिए प्राकृतिक उत्पादों के इस्तेमाल से किसी प्रकार का नुकसान होने की आशंका नहीं होती है।

–कन्वेंशनल (सामान्य तौर पर प्रयोग किए जाने वाले उत्पाद) साबुन और शैम्पू प्रभावी महसूस हो सकते हैं, लेकिन उनके पैक पर लिखी सामग्री को पढ़ने के बाद आपको मालूम पड़ेगा कि ये वास्तव में कितने हानिकारक हैं। इन उत्पादों में सोडियम लॉरेल सल्फेट का धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है, जो त्वचा व शरीर को काफी नुकसान पहुंचाता है।

–हानिकारक पेस्टिसाइड ट्रिक्लोजन और डायोक्सिन जैसे हानिकारक रसायन भी वास्तव में धीरे-धीरे और स्थायी रूप से आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं।

–पशुओं पर उनका परीक्षण नहीं किया जाता है।

– कन्वेंशनल और आर्गेनिक उत्पादों की सामग्री और गुणवत्ता में काफी अंतर होता है। प्राकृतिक पोषण तत्वों, मिनरल्स और तेलों से भरपूर आर्गेनिक उत्पाद आपके बालों और त्वचा की कोशिकाओं को पोषित करते हैं।

–प्राकृतिक अवयवों से युक्त आर्गेनिक ‘टी ट्री’ रूसी को दूर करता है।

– आर्गेनिक शैम्पू का इस्तेमाल कर आप नाली में हानिकारक रसायनों को बहने से रोककर बायोडिग्रेडेबल (प्राकृतिक रूप से विघटित होने वाले) पदार्थों को बहने देते हैं, जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं।

–हानिकारक केमिकल वाले उत्पादों के प्रयोग से बालों से प्राकृतिक नमी और तेल निकल जाता है और बाल रूखे, बेजान और असमय सफेद होने लगते हैं, इसलिए आर्गेनिक शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए, जो बालों को पोषण देकर इन्हें सुंदर, स्वस्थ, चमकदार, लंबा और घना बनाते हैं। ये बालों को जरूरी पोषण प्रदान करते हैं और उन्हें स्वस्थ रखते हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय

19 साल से रोज नाक से अपना पेशाब पीता है ये शख्स, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे

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नई दिल्ली। अगर आपको स्वस्थ रहने के लिए अपना ही यूरीन (पेशाब) पीने को कोई कहे तो आप उसे महापागल समझेंगे। लेकिन दुनिया में एक ऐसा शख्स है जो लगभग 19 वर्षों से यह कर रहा है। उसका मानना है कि ऐसा करने पर वह चुस्त-दुरुस्त रहता है साथ ही उसकी कई बीमारियां भी ठीक हो चुकी हैं।

इस शख्स का नाम Sam Cohen है। ये शख्स लगातार 19 सालों से रोजाना अपने पेशाब का सेवन कर रहा है। शख्स का दावा है कि जब से वह ऐसा कर रहा है उसे कोई बीमारी नहीं हुई। यहां तक कि सर्दी-जुकाम भी नहीं। सैम का दावा है कि इसके कारण उनकी सेक्स लाइफ भी कापी इम्प्रूव हुई है।

बता दें कि, सैम ब्रिटेन के रहने वाले हैं और एक योगा टीचर हैं। सैम यूरीन नाक से ग्रहण करने के लिए अपने साथ एक कप भी हमेशा अपने साथ रखते हैं।

सैम ने बताया कि पहले उसमें एनर्जी की कमी रहती थी। 22 साल की उम्र में जब उसने पहली बार पीया तो उसे ताजगी का एहसास हुआ। इसके बाद वो ऐसा रोज करने लगा।

सैम का कहना है कि मैं ये हर रोज करता हूं और दिन में कम से कम 10-20 बार तो करता ही हूं। इसके लिए मैं अपने साथ एक कप भी कैरी करता हूं। यहां तक की प्लेन में यात्रा करने के दौरान भी। शायद मैं पहला शख्स हूं, जिसने हजारों फीट की उंचाई पर भी ऐसा किया होगा।

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