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दिल्ली मेट्रो में सफर हुआ महंगा, हर स्लैब में बढ़ा किराया

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नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों के लिए अब यात्रा महंगी होने जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने किराए में 66 फीसदी वृद्धि करते हुए अधिकतम किराया 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है।

डीएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल ने यहां पत्रकारों को बताया कि दो किलोमीटर तक के लिए निर्धारित न्यूनतम किराया आठ रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है।

दिल्ली मेट्रो की किराए की नई दरें छह श्रेणियों में होंगी : दो किलोमीटर तक के लिए 10 रुपये, दो से पांच किलोमीटर तक के लिए 15 रुपये, पांच से 12 किलोमीटर तक के लिए 20 रुपये, 12 से 21 किलोमीटर तक के लिए 30 रुपये, 21 से 32 किलोमीटर तक के लिए 40 रुपये और 32 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए अधिकतम किराया 50 रुपये होगा।

दयाल ने कहा, “किराए में वृद्धि का यह पहला चरण है, जो 10 मई से लागू हो जाएगा। अक्टूबर में दूसरे चरण की वृद्धि की जाएगी।”

डीएमआरसी के निदेशक के. के. सबरवाल ने बताया कि लागत में वृद्धि को देखते हुए किराए में वृद्धि करना जरूरी हो गया था। लागत में कर्मचारियों का वेतन, बिजली और मरम्मत का खर्च शामिल है।

दयाल ने कहा कि रविवार और राष्ट्रीय छुट्टियों पर विशेष रियायतें दी जाएंगी। इसके अलावा नॉन-पीक ऑवर्स में 10 फीसदी की छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यस्ततम और सामान्य अवधि में मेट्रो पर भार में संतुलन बनाने के लिए किया जा रहा है।

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हाई कोर्ट ने दी जेएनयू के छात्रों को बड़ी राहत, पुरानी फीस पर होगा रजिस्ट्रेशन

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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के स्टूडेंट को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान छात्रों को बड़ी राहत देते हुए फिलहाल पुरानी फीस के आधार पर ही रजिस्ट्रेशन करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि इन छात्रों से किसी भी तरह की लेट फीस भी नहीं ली जाएगी।

इससे पहले अदालत में सुनवाई के दौरान जेएनयू छात्र संगठन का पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि फीस में बढ़ोतरी गैर कानूनी है। इसके साथ बताया गया कि जेएनयू की हाई लेवल कमेटी को होस्टल मैनुअल में बदलाव का अधिकार नहीं था।

जेएनयू प्रशासन ने जब कई छात्रों के फीस जमा करने की बात कही तो छात्रों की पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि बच्चों ने दबाव में आकर डर के कारण फीस जमा की है।

कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रशासन को बढ़ी फीस वापस तो लेनी ही चाहिए जिन छात्रों से पैसे लिए हैं, उन्हें भी लौटाना चाहिए। उन्होंने ड्राफ्ट हॉस्टल मैनुअल पर कोर्ट से स्थगन की मांग भी की।

 

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