Connect with us

अन्तर्राष्ट्रीय

जासूसी के दावों पर व्हाइट हाउस ने ब्रिटेन से नहीं जताया कोई खेद

Published

on

वाशिंगटन, व्हाइट हाउस, फॉक्स न्यूज, सीएनएन, ब्रिटेन

वाशिंगटन| व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने उन खबरों से साफ इनकार किया है, जिसमें कहा गया है कि व्हाइट हाउस ने ब्रिटिश खुफिया एजेंसी पर डोनाल्ड ट्रंप की जासूसी करने का अरोप लगाने के बाद खेद जताया है। स्पाइसर ने गुरुवार को ‘फॉक्स न्यूज’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि ब्रिटिश खुफिया एजेंसी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के इशारे पर देश में पिछले साल हुए राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ‘ट्रंप टावर’ की जासूसी की थी।

वाशिंगटन, व्हाइट हाउस, फॉक्स न्यूज, सीएनएन, ब्रिटेन

सीएनएन ने शुक्रवार दोपहर स्पाइसर के हवाले से कहा, “हमें किसी भी बात पर अफसोस नहीं है।”

यह पूछे जाने पर कि क्या इस मुद्दे पर अमेरिकी प्रशासन ने ब्रिटिश सरकार से खेद जताया है, उन्होंने कहा, “बिल्कुल नहीं। हम सिर्फ खबरों की बात कर रहे थे।”

यह मुद्दा जर्मनी चांसलर एंजेला मर्केल के अमेरिका दौरे के दौरान ट्रंप के साथ उनके संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में भी उठा, जब राष्ट्रपति ने कहा था, “हमने कुछ नहीं कहा। हमने जो भी कहा, उसे टीवी पर एक जिम्मेदार व्यक्ति ने कहा था। मैंने इस पर कोई राय नहीं बनाई।”

जासूसी के दावों पर ब्रिटेन की सरकार से खेद जताने से व्हाइट हाउस का इनकार इस संबंध में खबरों के बाद आया है, जिसमें कहा गया कि अमेरिकी प्रशासन ने स्पाइसर के बयान को लेकर ब्रिटेन से खेद जताया।

‘सीएनएन’ की शुक्रवार की रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच. आर. मैक्मास्टर ने अपने ब्रिटिश समकक्ष मार्क लायल ग्रैंट से गुरुवार को इस मुद्दे पर बात की, जिसमें मैक्मास्टर ने कहा कि स्पाइसर ने ‘अनजाने’ में यह टिप्पणी की।

वहीं, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के एक प्रवक्ता ने भी शुक्रवार को कहा कि व्हाइट हाउस ने आरोप वापस ले लिए हैं। उन्होंने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, “हमने (अमेरिकी) प्रशासन से स्पष्ट कर दिया कि ये दावे हास्यास्पद हैं और इन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए।”

 

अन्तर्राष्ट्रीय

चीन का रवैया देख भारत सरकार ने लिया बड़ा फैसला, उठाएगी ये कदम

Published

on

By

पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी चाईना के लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर अपनी पुराना रवैया जारी रखा है। चीन ने कई इलाकों (गोगरा पोस्‍ट, हॉट स्प्रिंग्‍स) के साथ ही पैंगोंग त्‍सो पर भी पीएलए जवानों की तैनाती की हुई है।

चीन की इस हरकत को देखते हुए मोदी सरकार ने अब चीन को जवाब देने का फैसला किया है। भारत अब कई नए तरीकों पर विचार कर रहा है।

तोंद ने बचा ली इस शख्स की जान, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला

केंद्र सरकार आने वाले समय में अब कुछ नए तरीके अपनाने की तैयारी कर रही है,इससे भारतीय जवान भी अपनी पुरानी लोकेशंस पर लौट सकते हैं। चीन और भारत के बीच इस तनातनी की स्थिति में भारत सरकार कोई बड़ा कदम भी उठा सकती है।

#china #india #lac #pmmodi #indochinatension

Continue Reading

Trending