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बसपा ने उठाई पुरजोर मांग, आयोग रद्द करे भाजपा की मान्यता

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BSP leader satish-chandra mishraलखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही अब राजनीतिक दलों ने भी एक दूसरे पर हमले करना शुरू कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भाजपा की मान्यता ही रद्द करने की मांग चुनाव आयोग से की है। चुनाव आयोग को दी गई याचिका में बसपा ने साक्षी महाराज और उप्र भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या पर भी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि बसपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और पूर्व सांसद अम्बेथराजन ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि चार जनवरी को पांच राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई।

राजन के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के सांसद साक्षी महाराज और उप्र प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। ६ जनवरी को साक्षी महाराज ने मेरठ के बालाजी महाराज और शनि धाम को चुनाव प्रचार के लिए प्रयोग किया। उन्होंने समाज में विद्रोह पैदा करने वाला भाषण दिया और एक संप्रदाय के चार पत्नियों से ४० बच्चे पैदा कर देश की जनसंख्या बढ़ाने की बात का उल्लेख किय।

इसी तरह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने एक अंग्रेजी अखबार को ८ जनवरी को दिए इंटरव्यू में पिछड़ी जाति के एक विशेष समुदाय से अपनी पार्टी को वोट देने की अपील की गई है, जिसे अखबार के १० जनवरी के अंक में छापा गया। ये स्पष्ट तौर पर चुनाव आचार संहिता के अधीन भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है।

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कहीं बीहड़ के जंगलों में तो नहीं छिप गया आठ पुलिसवालों की हत्या का आरोपी विकास दुबे..

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस वालों की बेरहमी से हत्या करने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अभी भी पुलिस की गिरफ्तार से दूर है। उसकी तलाश में पुलिस की सौ टीमें लगी हुई हैं। साथ ही राज्य की नेपाल से लगने वाली सीमा पर एसएसबी को भी अलर्ट किया गया है लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है।

इस बीच यूपी के पूर्व डीजीपी रहे विक्रम सिंह ने कहा कि जिस तरह से औरैया में विकास दुबे की आखिरी लोकेशन ट्रेस हुई है, तो उससे बहुत संभावना है कि उसने इटावा के रास्ते चंबल के बीहड़ का रास्ता पकड़ लिया हो. बीहड़ के अंदर से होते हुए आगरा तक पहुंचा जा सकता है। आगरा पहुंचने के बाद एमपी और राजस्थान में दाखिल होना आसान हो जाता है। कुख्यात अपराधियों के मामले में अक्सर देखा गया है कि सेटिंग के चलते दो स्टेट की पुलिस में कोऑर्डिनेशन बनना मुश्किल हो जाता है या फिर दूसरे स्टेट की पुलिस दिखावे के लिए अपने यहां सर्च ऑपरेशन चलाती है, लेकिन अपराधी उसके यहां छिपा बैठा रहता है।

गौरतलब है कि कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में गुरुवार- शुक्रवार की रात पुलिस और विकास दुबे के गिरोह के बीच खूनी मुठभेड़ हुई। पुलिस की टीम विकास दुबे के यहां रेड करने पहुंची थी। यहां पर विकास दुबे ने अपने गैंग के साथ पुलिस पर हमला किया, जिनमें आठ जवान शहीद हो गए।

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