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मप्र, छग : नोटबंदी के बाद कई खातों में एक करोड़ रुपये जमा

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नोटबंदी के बाद कई खातों में एक करोड़ रुपये जमा

भोपाल | केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में खातेदारों ने एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम जमा की है। रकम जमा करने वालों में राजनेता व नौकरशाहों के भी शामिल होने की आशंका है।

देश के अन्य हिस्सों की तरह मप्र व छग में भी आठ नवंबर के बाद खातेदारों ने बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा कराए हैं। आयकर विभाग को ऐसे लगभग 400 खातों का पता चला है, जिनमें एक करोड़ या उससे ज्यादा की रकम जमा की गई है।

आयकर विभाग (मप्र एवं छग) के प्रधान मुख्य आयुक्त (प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर) अबरार अहमद ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं से चर्चा के दौरान माना कि कई खातेदारों ने एक करोड़ रुपये या इससे ज्यादा रकम जमा कराए हैं। ऐसे खातेदारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।

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दिल्लीः शाहीन बाग में तिरंगा फहराकर मनाया गया गणतंत्र दिवस

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नई दिल्ली। आज के दिन पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह भारत के 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में लिखा, “सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। जय हिन्द!”

इस बीच गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के शाहीन बाग में भी तिरंगा फहराया गया है। यह तिरंगा शाहीन बाग में उस जगह फहराया गया है, जहां पिछले करीब डेढ़ महीने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरे इलाके को तिरंगे के रंग से सजाया गया। बता दें कि धरने पर बैठे लोग लगातार नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रहे हैं। लोग सीएए कानून को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं।

एक तरफ जहां शाहीन बाग में लगातार सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार इस कानून को लेकर सख्त है। गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि वह इस कानून को वापस नहीं लेंगे, जिसे विरोध करना है करे।

गौरतलब है कि शाहीन बाग में 15 दिसंबर से ही बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठी हैं। ये महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का लगातार विरोध कर रही हैं। इनका कहना है कि ये कानून उनके साथ भेदभाव करता है। वे पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से इस कानून को वापस लेने की मांग कर रही हैं। हालांकि, अमित शाह ने पिछले दिनों कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी।

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