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टी-20 एशिया कप : पाकिस्तान को हराकर भारतीय महिलाएं चैम्पियन बनीं

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टी-20 एशिया कप, महिला क्रिकेट टीम, पाकिस्तान, टूर्नामेंट, क्रिकेट, मिताली राज
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                भारतीय महिला क्रिकेट टीम

बैंकॉक  | भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ग्राउंड पर खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 17 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) महिला टी-20 एशिया कप खिताब पर कब्जा जमा लिया है।

इससे पहले, भारत ने 2012 में चीन के ग्वांगझू में हुए इस टूर्नामेंट के बीते संस्करण के फाइनल में पाकिस्तान को ही 19 रनों से मात देकर खिताबी जीत हासिल की थी।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने मिताली राज (नाबाद 73) की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत पाकिस्तान के सामने 122 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे पाकिस्तानी महिलाएं निर्धारित ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर भी हासिल नहीं कर पाई और 17 रनों से हार गई। पाकिस्तानी टीम 104 रनों पर ढेर हो गई।

भारत के लिए मिताली के अलावा, झूलन गोस्वामी ने 17 रनों का अहम योगदान दिया। इस पारी में पाकिस्तान के लिए अनम अमीन ने दो जबकि सना मीर और सादिया यूसुफ ने एक-एक सफलता हासिल की।

पाकिस्तान के लिए कप्तान बिस्माह मरूफ (25) और जावेरिया खान (22) ने सबसे अधिक रन बनाए। हालांकि, इसके बावजूद भी टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और सभी ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 104 रन ही बना सकी।

भारत के लिए एकता बिष्ट ने सबसे अधिक दो विकेट चटकाए जबकि अनुजा पाटिल, झूलन, शिखा पांडे और प्रीति बोस को एक-एक सफलता हासिल हुई।

गौरतलब है कि 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट पर भारत ने ही हर बार खिताबी जीत हासिल की है। 2004, 2005, 2006, 2008 में टीम ने श्रीलंका को मात देकर यह खिताब जीता था।

यह टूर्नामेंट में 2004 से 2008 तक 50 ओवरों के फॉरमेट में खेला गया था लेकिन 2012 के बाद इसे टी-20 फॉरमेट में परिवर्तित कर दिया गया।

 

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भारतीय बॉलरों के आगे फिर फेल हुए दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज

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नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों के सामने परेशानी में पड़ गए हैं। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को पहले सत्र का खेल खत्म होने तक मेहमान टीम ने अपने छह विकेट 129 रनों पर खो दिए हैं। भोजनकाल की घोषणा तक जॉर्ज लिंडा 10 और डीन पीट चार रन बनाकर खेल रहे हैं।

अभी तक दक्षिण अफ्रीका के लिए जुबेर हमजा ही भारतीय गेंदबाजों का कुछ हद तक सामने करने में सफल रहे। उन्होंने 79 गेंदों पर 10 चौके और एक छक्के की मदद से 62 रनों की पारी खेली। उन्हें रवींद्र जडेजा ने अपना शिकार बनाया।

हमजा दूसरे दिन नाबाद लौटे थे। उनके साथ कप्तान फाफ डु प्लेसिस (1) रन बनाकर नाबाद थे। तीसरे दिन इन दोनों ने दक्षिण अफ्रीका को दो विकेट के नुकसान पर नौ रनों के स्कोर से आगे बढ़ाया।

डु प्लेसिस को हालांकि दिन के पांचवीं गेंद पर उमेश यादव ने बोल्ड कर दिया। हमजा ने अपना खाता खोला और फिर भारतीय गेंदबाजों से अकेले लोहा लेने लगे। हमजा को टीम के उप-कप्तान टेम्बा बावुमा का कुछ साथ मिला और दोनों ने कुछ हद तक टीम को संभाला। इन दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी हुई। जडेजा ने 107 के कुल स्कोर पर हमजा को बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ा।

अपना पदार्पण टेस्ट मैच खेल रहे शहबाज नदीम ने अपनी फिरकी से इस साझेदारी के दूसरे सिपाही बावुमा को पवेलियन भेजा। हमजा के आउट होने के बाद अगले ओवर में नदीम की गेंद पर बावुमा चूक गए और रिद्धिमान साहा ने उन्हें स्टम्पिंग करने में कोई गलती न करते हुए दक्षिण अफ्रीका को पांचवां झटका दिया। इसी के साथ नदीम ने टेस्ट में अपना विकेट का खाता खोला।

इस मैच में टीम में आए हेनरिक क्लासेन सिर्फ छह रन बना सके। जडेजा ने उन्हें 119 के कुल स्कोर पर बोल्ड किया। भारत के लिए अभी तक उमेश यादव और जडेजा दो-दो विकेट ले चुके हैं। मोहम्मद शमी और नदीम के हिस्से एक-एक सफलता आई है। रविचंद्रन अश्विन अभी तक खाली हाथ हैं।

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