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सामने आया यूपीए कार्यकाल का एक और घोटाला, जांच शुरू

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यूपीए सरकार का कार्यकाल, 208 मिलियन डॉलर के तीन EMB-145 जेट विमान, ब्रिटेन स्थित बिचौलिये को कमीशन दिए जाने का आरोप
यूपीए सरकार का कार्यकाल, 208 मिलियन डॉलर के तीन EMB-145 जेट विमान, ब्रिटेन स्थित बिचौलिये को कमीशन दिए जाने का आरोप

emb-145 aircraft

डिफेंस डील में दी गई घूस की होगी जांच

नई दिल्ली। यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों की श्रृंखला में एक और कड़ी जुड़ती नजर आ रही है. एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक 208 मिलियन डॉलर के तीन EMB-145 जेट विमानों के लिए हुई डील के लिए कंपनी की ओर से ब्रिटेन स्थित बिचौलिये को कमीशन दिए जाने का आरोप है। इन तीन EMB-145 एयरक्राफ्ट्स को स्वदेशी राडारों से लैस किया गया है, जिन्हें डीआरडीओ की 2,520 करोड़ रुपये की एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग ऐंड कंट्रोल सिस्टम्स की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत तैयार किया गया है।

अमेरिका और ब्राजील ने यूपीए सरकार के दौरान हुई इस डिफेंस डील के लिए कथित तौर पर घूस दिए जाने की जांच शुरू कर दी है। यह डील यूपीए सरकार के कार्यकाल में 2008 में हुई थी। यह डील ब्राजील एयरक्राफ्ट निर्माता कंपनी एम्ब्रायर से की गई थी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मीडिया में खबर आने के बाद डीआरडीओ ने इस बाबत एम्ब्रायर से लिखित में जवाब मांगा है।

2010 से ही की जा रही है जांच

ब्राजील के एक अखबार ‘फोल्हा डे साओ पाउलो’ की रिपोर्ट के मुताबिक 2008 में भारत से हुई डील में संभावित घूस प्रकरण पर अमेरिकी कानून मंत्रालय की नजर है। अमेरिका द्वारा एम्ब्रायर की 2010 से ही जांच की जा रही है। डॉमिनिकन रिपब्लिक के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट के बाद से ही कंपनी के खिलाफ जांच चल रही है। अब इस जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।

आठ देशों से हुई थी डील

भारत और सऊदी अरब समेत 8 देशों के साथ हुई कंपनी की डील की जांच की जा रही है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक एम्ब्रायर के डिफेंस सेल्स मैनेजर अल्बर्ट फिलिप ने बताया कि कंपनी के पूर्व सेल्स डायरेक्टर, जो यूरोप में तैनात थे, ने अमेरिकी जांचकर्ताओं को बताया कि फर्म ने एक व्यक्ति से संपर्क किया था, जो अमेरिका को सर्विलांस सिस्टम बेचने की डील में मदद कर सके।

डीआरडीओ ने आरोपों से झाड़ा पल्ला

एम्ब्रायर ने पहला EMB-145 एयरक्राफ्ट 2011 में डीआरडीओ को सौंपा था। इसके बाद अन्य विमानों को सौंपा गया। इसके बाद डीआरडीओ ने इन्हें लंबे इंतजार के बाद पिछले साल दिसंबर में प्रॉजेक्ट में तैनात किया। इस डील में घूसखोरी का मामला सामने आने के बाद डीआरडीओ ने सौदे में कथित घूस की जानकारी ने होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है, जिसकी तसदीक खुद रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने की है। उल्लेखनीय है कि 2008 में जब यह डील हुई थी, उस वक्त एस क्रिस्टोफर डीआरडीओ में एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग ऐंड कंट्रोल सिस्टम्स के प्रमुख भी थे। 2015 में एनडीए सरकार ने उन्हें डीआरडीओ का प्रमुख बनाया।

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प्रादेशिक

महाराष्ट्र के मंत्री अशोक चव्हाण ने जीती कोरोना से जंग, अस्पताल से मिली छुट्टी

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मुंबई। महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कोरोना से जंग जीत ली है। अब ठीक होकर अस्पताल से वापस अपने घर आ गए हैं। गुरुवार को पार्टी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का कोविड -19 परीक्षण पॉजिटिव आया था, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण नहीं थे। 24 मई को उनके गृह स्थान नांदेड़ में और फिर उसके अगले दिन मुंबई के एक निजी अस्पताल में उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया था।

उपचार पूरा होने के बाद चव्हाण को गुरुवार दोपहर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार वह अभी भी क्वारंटीन में रहेंगे।

चव्हाण, कैबिनेट के दूसरे सदस्य हैं, जिन्हें कोरोना संक्रमण हुआ। इससे पहले अप्रैल में आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड संक्रमित पाए गए थे।अव्हाड ने क्वारंटीन में समय बिताया और फिर उन्हें एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और उसके बाद भी वह घर पर आइसोलेशन में रहे। मई के आखिर से उन्होंने अपनी मंत्रिस्तरीय जिम्मेदारियों को फिर से संभालना शुरू किया था।

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