Connect with us

प्रादेशिक

जम्मू एवं कश्मीर में हजारों ने ईद की नमाज अता की

Published

on

जम्मू एवं कश्मीर में हजारों ने ईद की नमाज अता की

जम्मू एवं कश्मीर में हजारों ने ईद की नमाज अता की

जम्मू/श्रीनगर| पूरे जम्मू एवं कश्मीर राज्य में बुधवार को हजारों मुसलमानों ने ईद-उल-फितर की नमाज अता कर रमजान के पाक महीने का समापन किया। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में ईदगाह, हजरतबल, पोलो ग्राउंड एवं अन्य जगहों पर ईद की नमाज अता की गई।

कश्मीर घाटी के बारामूला, सोपोर, गांदेरबल, बांदीपुरा, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग और शोपियां नगरों में भी कमोबेश कुछ ऐसा ही हुजुम दिखा।

राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में डल झील के किनारे हजरत श्राइन में बाकी नमाजियों के साथ ईद की नमाज अता की।

अधिकारियों ने एहतियातन बुधवार को सैयद अली गिलानी, मीरवाइज, उमर फारूक और मुहम्मद यासीन मलिक सहित अलगाववादी नेताओं को श्रीनगर में उनके घरों में नजरबंद रखा।

गिलानी ने ईद की नमाज के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान किया था।

प्रादेशिक

राहुल गांधी के बयान पर भड़की शिवसेना, दे डाली ये नसीहत

Published

on

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान से राहुल गांधी द्वारा सावरकर पर दिए बयान पर अब शिवसेना और कांग्रेस पार्टी के बीच तलवारें खिचती नजर आ रही हैं।

भारत बचाओ रैली के दौरान राहुल गांधी ने सावरकर की दुहाई देते हुए कहा था कि वे ‘रेप इन इंडिया’ वाले अपने बयान पर माफी नहीं मांगेगे क्योंकि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है।

इस बयान से शिवसेना तिलमिला गई है। इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी राहुल गांधी पर पलटवार कर दिया। संजय राउत ने कहा, राहुल का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सावरकर का बलिदान समझने के लिए राहुल को कांग्रेस नेता कुछ किताबें गिफ्ट करें।

संजय राउत ने मराठी में कहा, “हम पंडित नेहरू, महात्मा गांधी को भी मानते हैं, आप वीर सावरकर का अपमान ना करें, बुद्धिमान लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती।”

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि अगर आज भी आप वीर सावरकर का नाम लेते हैं तो देश के युवा उत्तेजित और उद्वेलित हो जाते हैं, आज भी सावरकार देश के नायक हैं और आगे भी नायक बने रहेंगे, वीर सावरकर हमारे देश का गर्व हैं।”

बता दें कि राहुल का इशारा हिंदूवादी नेता विनायक दामोदर सावरकर की ओर से 14 नवंबर, 1913 को ब्रिटिश सरकार को कथित रूप से लिखे गए माफीनामे की तरफ था, जिसे उन्होंने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद रहने के दौरान लिखा था।

रेप पर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी की ओर से माफी की मांग पर राहुल ने शनिवार को कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है, राहुल गांधी है और वे मर जाएंगे पर कभी माफी नहीं मांगेंगे।

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending