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रमजान में फर्द व कीमिया खजूर की बिक्री बढ़ी

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रमजान, फर्द व कीमिया खजूर की बिक्री, नबावों के शहर
रमजान, फर्द व कीमिया खजूर की बिक्री, नबावों के शहर

khajoor in ramadan

लखनऊ। वैसे तो लोग आम दिनों में भी खजूर खाना पसंद करते हैं, लेकिन रोजेदार का खजूर से रोजा खोलना सुन्नत है। ऐसे में रमजान मुबारक में खजूर सबसे अहम हो जाता है। इन दिनों नबावों के शहर में खजूर का बाजार सज गया है। रोजेदार सबसे ज्यादा ईरानी और कीमिया नामक खजूर पसंद कर रहे हैं। विदेशों से आने वाले खजूर के अलावा मुंबई का ‘फर्द खजूर’ भी खूब पसंद किया जा रहा है।

इन दिनों बाजार में चारों तरफ खजूर-ही-खजूर दिखाई दे रहा है। दुकानों के साथ-साथ अब मॉल और बड़े शॉपिंग सेंटरों में भी तमाम किस्म के खजूर मिल रहे हैं। इसके अलावा पुराने शहर की सड़कों पर खजूर की दुकानें देखी जा सकती हैं।

आजकल ड्राई फ्रूट की दुकानों पर भी खजूर खरीदने वालों की जबर्दस्त भीड़ रहती है। दुकानदारों का कहना है कि आम दिनों से इन दिनों रोजेदारों की पसंदगी के चलते खजूर की बिक्री खूब बढ़ी हुई है।

चौक, ठाकुरगंज, ऐशबाग, नादान महल रोड, नक्खास समेत पुराने लखनऊ के अन्य क्षेत्रों में सालों से खजूर बेचने वाले दुकानदार बताते हैं कि रमजान में सबसे ज्यादा ईरानी और कीमिया खजूर बिक रहा है।

फल की दुकान लगाने वालों का कहना है कि रमजान में ड्राई फ्रूट की दुकान के अलावा फल की दुकान पर से भी खजूर खरीदे जाते हैं। इसलिए दो साल से वह फलों के साथ खजूर बेचते हैं। दिनभर में 15 से 20 खजूर के पैकेट आसानी से बिक जाते हैं।

पुराने लखनऊ के बड़े दुकानदार श्याम अग्रवाल का कहना है, “हमारे यहां खजूर इराक, ईरान, सऊदी अरब, कुवैत, मस्कट, मलेशिया, अफगानिस्तान, दुबई और पाकिस्तान से मंगाए जाते हैं। उनमें भी ईरानी, कीमिया, फर्द, हरमोनी, किंग, रेहान, ओमान अल फहद और जन्नतुल खजूरों में खास खजूर हैं।”

अन्य दुकानदारों का कहना है कि पिछले दो साल से मुंबई का फर्द खजूर रोजेदारों को खूब पसंद आ रहा है। फर्द और कीमिया खजूर के स्वाद में बहुत अंतर नहीं है। दोनों महंगे खजूर हैं, इसलिए इसके खास ग्राहक रहते हैं।

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राहुल गांधी के बयान पर भड़की शिवसेना, दे डाली ये नसीहत

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नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान से राहुल गांधी द्वारा सावरकर पर दिए बयान पर अब शिवसेना और कांग्रेस पार्टी के बीच तलवारें खिचती नजर आ रही हैं।

भारत बचाओ रैली के दौरान राहुल गांधी ने सावरकर की दुहाई देते हुए कहा था कि वे ‘रेप इन इंडिया’ वाले अपने बयान पर माफी नहीं मांगेगे क्योंकि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है।

इस बयान से शिवसेना तिलमिला गई है। इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी राहुल गांधी पर पलटवार कर दिया। संजय राउत ने कहा, राहुल का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सावरकर का बलिदान समझने के लिए राहुल को कांग्रेस नेता कुछ किताबें गिफ्ट करें।

संजय राउत ने मराठी में कहा, “हम पंडित नेहरू, महात्मा गांधी को भी मानते हैं, आप वीर सावरकर का अपमान ना करें, बुद्धिमान लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती।”

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि अगर आज भी आप वीर सावरकर का नाम लेते हैं तो देश के युवा उत्तेजित और उद्वेलित हो जाते हैं, आज भी सावरकार देश के नायक हैं और आगे भी नायक बने रहेंगे, वीर सावरकर हमारे देश का गर्व हैं।”

बता दें कि राहुल का इशारा हिंदूवादी नेता विनायक दामोदर सावरकर की ओर से 14 नवंबर, 1913 को ब्रिटिश सरकार को कथित रूप से लिखे गए माफीनामे की तरफ था, जिसे उन्होंने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद रहने के दौरान लिखा था।

रेप पर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी की ओर से माफी की मांग पर राहुल ने शनिवार को कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है, राहुल गांधी है और वे मर जाएंगे पर कभी माफी नहीं मांगेंगे।

 

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