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हेल्थ

रमजान में मधुमेह के मरीज बरतें सावधानी

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रमजान में मधुमेह के मरीज बरतें सावधानी

रमजान में मधुमेह के मरीज बरतें सावधानीनई दिल्ली| रमजान का महीना आध्यात्मिक चिंतन, सुधार और मुस्लिम धर्म के प्रति और अधिक श्रद्धा प्रकट करने का महीना है। इस पूरे महीने के दौरान इस्लाम के सिद्धांतों पर मन लगाना और सूर्य उदय से लेकर सूर्यास्त तक उपवास करना होता है। सूर्य निकलने से पहले के आहार को सुहूर और सूर्यास्त के बाद के आहार को इफ्तार कहा जाता है। कुरान के मुताबिक, रोजे के जरिए दुनियावीं चीज़ों से मन को दूर कर अपनी रूह को शुद्ध करने के लिए हानिकारक अशुद्धियों से मुक्त होना है।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ केके अग्रवाल ने बताया कि महीने भर के लिए उपवास करना हमारे शारीरिक प्रणाली के शुद्धिकरण और तन व मन को संतुलित करने के लिए एक अच्छा तरीका है। मधुमेह (डायब्टीज) जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों की सेहत के लिए भूखा रहना खतरनाक हो सकता है। यह बात मधुमेह पीड़ितों के मन से यह सवाल पैदा करती है कि रोजे रखें या न रखें। अपने धार्मिक अकीदे और भावनाओं को तरजीह दें या अपनी सेहत को।

मेडिकल पहलुओं के आधार पर हम निम्नलिखित सलाह दे रहे हैं-

जिन्हें टाइप 1 डायब्टीज है उन्हें बिल्कुल भी भूखा नहीं रहना चाहिए क्योंकि उन्हें हाईपोग्लेसीमिया यानी लो ब्लड शूगर होने का खतरा रहता है।

आम तौर पर पाई जाने वाली टाइप 2 डायब्टीज वाले लोग रोजा रख सकते हैं लेकिन उन्हें नीचे दी गई बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए ताकि उनकी सेहत खराब ना हो-

1. स्लफोनाइल्योरियस और क्लोरप्रोप्माइड जैसी दवाएं रोजे के वक्त नहीं लेनी चाहिए क्योंकि इससे लंबे समय के लिए अवांछित लो ब्लड शूगर हो सकती है।

2. मैटफोरमिन, प्योग्लिटाजोन, रिपैग्लिनायड रोजे के दौरान ले सकते हैं।

3. लंबी अवधि की इनसूलिन की दवा जरूरत के अनुसार कर लेनी चाहिए और शाम के खाने से पहले लेनी चाहिए।

4. छोटी अवधि की इनसुलिन सुरक्षित होती हैं।

5. अगर मरीज की शूगर 70 से कम हो जाए या 300 तक पहुंच जाए तो उसे तुरंत रोजा खोल लेना चाहिए।

डायब्टीज के सभी मरीज जो रमजान के दौरान रोजे रखने जा रहे हैं उन्हें शुरूआत में अपना चैकअप जरूर करवा लेना चाहिए और पूरे महीने में भी नियमित जांच करवाते रहना चाहिए। इससे ना सिर्फ उन्हें आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी मिलती रहेगी बल्कि उन्हें अपनी रूटीन बनाने में भी मदद मिलेगी ताकि उनकी सेहत पर इसका कोई प्रभाव ना पड़े।

ऑफ़बीट

इस तरीके से करें भिंडी का सेवन, जड़ से खत्म हो जाएगा डायबिटीज

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नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में भिंडी लगभग हर किसी के घर में बनती है। किसी को कुरकुरी भिंडी खाने का शौक होता है तो किसी को मसाले वाली।

आज हम आपको भिंडी से होने वाले एक ऐसे फायदे के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। विटामिन सी और मैग्नीशियम से भरपूर भिंडी में सिर्फ 30% कैलोरी पाई जाती है जिससे यह कई बीमारियों को ठीक करने में काफी मददगार साबित होती है।

भिंडी के इन तत्वों को पाने के लिए इसके रस का सेवन करना चाहिए। भिंडी का पानी बनाने के लिए 5-6 मीडियम भिंडी के किनारे काट लें। अब इन्हें बीच से काटें।

इसके बाद इन्हें दो कटोरी पानी में भिगो दें। इसे रात भर ऐसे ही रहने दें। सुबह उठकर भिंडी के टुकड़ों को निचोड़ कर निकाल लें। अब आप इस पानी में थोड़ा सादा पानी मिलाए जिससे कि यह करीब एक गिलास हो जाए।

ध्यान रखें सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। शुगर के मरीजों के लिए यह पानी किसी वरदान से कम नहीं है। अगर आप शुगर को कंट्रोल में रखनेके लिए महंगी दवाईयों का सहारा लेते रहे हैं तो अब आप घर बैठे ही भिंडी के इस नुस्खे से इस गंभीर बीमारी से निजात पा सकते हैं।

वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के। इसके साथ ही यह गुर्दे की बीमारी में भी फायदेमंद बताया जाता है। लेकिन हम आपसे यह जरुर कहना चाहेंगे कि ऐसा करने से पहले डॉक्टर से एक जरुर सलाह लें फिर ये तरीका अपनाएं।

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